सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव के 547वें प्रकाशोत्सव की पूर्व संध्या
पर सेवादारों ने नगर कीर्तन निकाला। मंगलवार को दोपहर एक बजे, माता दरवाजा
स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब से गुरुग्रंथ साहिब की छत्रछाया और पंच
प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकला। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से नगर
कीर्तन के निकलने पर सेवादारों ने फूलों से स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह
प्रसाद के स्टाल भी लगाए गए।
‘सतगुरु नानक प्रगटया, मिटी धुंध जग चाणण
होया’... जैसे गुरु के भजनों और बोले सो निहाल सत श्री अकाल... के जयकारों
से शहर गूंज उठा। नगर कीर्तन माता दरवाजा से शुरू होकर पुराना बस स्टैंड,
कच्चा बेरी रोड, भिवानी स्टैंड, किला रोड, शांतमई चौक, गोहाना अड्डा,
निरंकारी मार्केट, बड़ा बाजार से होते हुए वापस गुरुद्वारा पहुंचा। नगर
कीर्तन के दौरान गतका पार्टियों ने अपने करतबों से लोगों को हैरान कर दिया।
कोई नुकीली कीलों पर लेटा तो किसी ने आंखों पर पट्टी बांधकर नारियल फोड़ा।
सेवादारों ने चलाया विशेष अभियान
नगर
कीर्तन में सेवादारों ने शहर की सड़कों पर विशेष अभियान भी चलाया। जगह-जगह
लगे स्टाल के दौरान जो भी गंदगी हुई, सेवादारों ने उसकी सफाई की।
आज सजेगा दीवान
गुरुनानक
देव के 547वें प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा बंगला साहिब में शाम को विशेष
दीवान सजेगा। इस दौरान लंगर भी लगाया जाएगा। इसी के साथ शहर के सभी
गुरुद्वारों में अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा और कीर्तन होगा।