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आठ फर्म संचालकों को हाईकोर्ट से झटका, सीज बैंक अकाउंट खोलने से इनकार

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डेढ़ साल पहले 500 करोड़ से अधिक की खरीददारी कर 80 करोड़ रुपये के जीएसटी टैक्स चोरी के मामले में आठ फर्म संचालकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने न केवल फर्मों के सीज बैंक अकाउंट खोलने से इनकार कर दिए, बल्कि फर्म संचालकों को हिदायत दी है कि वे सेंट्रल - जीएसटी की जांच में सहयोग करें। इसके लिए 5 फरवरी को सेंट्रल - जीएसटी की तरफ से फर्म संचालकों को जांच में शामिल होने के लिए रोहतक स्थित कार्यालय में बुलाया गया है। साथ ही अदालत ने विभाग को हिदायत दी है कि मामले की जांच तीन माह में पूरी की जाए।
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सेंट्रल जीएसटी आयुक्त विजय मोहन जैन ने बताया कि विभाग की टीम ने सितंबर 2018 में जांच के दौरान तीन फर्म जांच के दायरे में ली थी। इसमें ओम इंडस्ट्रीज प्रा.लि., स्वदेश इंटर प्राइजेज व भाग्यदीप ट्रेडर्स शामिल हैं। शक है कि तीनों फर्मों के नाम पर टैक्स चोरी हुई है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। जांच के दौरान इन फर्मों से आठ फर्मों में लेन -देन पाया गया। जीएसटी की टीम ने इनके बैंक खातों को सील कर दिया है। इन बैंक खातों को खुलवाने के लिए इन आठ फर्मों के संचालकों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है। जिन बैंक खातों को सीज किया गया है, उनमें दो करोड़ के करीब राशि जमा है। जबकि विभाग का आरोप है कि करीब 80 करोड़ का टैक्स चोरी हुआ है। इसकी रिकवरी के लिए विभाग की ओर से इन बैंक खातों को सीज किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वह जल्द ही इसकी जांच पूरी कर लेंगे। दो फर्म पर स्टेट जीएसटी की ओर से मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है।
इसे भी जाने :
- इन बोगस फर्मों से लेन-देन करके 500 करोड़ से अधिक का हुआ है टर्न ओवर
- इन फर्मों से 80 करोड़ की टैक्स चोरी हुई है।
- इन फर्म के बैंक खातों में करीब दो करोड़ रुपया सीज है।
- 18 माह से जांच चल रही है।
- दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
18 माह पहले जीएसटी टैक्स की चोरी के हुए खुलासे में विभाग की जांच चल रही है। हाईकोर्ट से फर्म संचालकों को जांच में शामिल होने का आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत जल्द ही जांच पूरी की जाएगी।
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विजय मोहन जैन, आयुक्त सेंट्रल जीएसटी , रोहतक।
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