रोहतक। नए बस स्टैंड के सामने हुडा सिटी पार्क में वन विभाग ने सूखे पेड़ों की जगह रातोंरात पांच हरे पेड़ काट दिए। वीरवार सुबह लोग घूमने गए तो सकते में आ गए। पहले डीसी अजय कुमार के पास पहुंचे। डीसी को हरे पेड़ों के तनों के फोटो दिखाए।
डीसी ने निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा मिलने की सलाह दी।
इसके बाद लोगों ने नगर निगम में लगे जनता दरबार में जाकर हंगामा कर दिया। निगम आयुक्त को कटे पेड़ों के तने दिखाए गए। निगम आयुक्त ने तत्काल एचएसवीपी के कार्यकारी अभियंता को पेड़ों की कटाई रोकने की हिदायत दी। साथ ही मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी।
चांद नगर निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश की हुडा सरकार ने साल 2007 में नए बस स्टैंड के सामने पुरानी जेल को तोड़कर एचएसवीपी के माध्यम से पार्क का निर्माण कराया था। क्योंकि सुनारिया में शहर से पांच किलोमीटर दूर नई जेल बनकर तैयार हो गई थी। पार्क में आसपास की करीब 20 काॅलोनियों के लोग हर रोज घूमने जाते हैं। पार्क में 300 से ज्यादा पेड़ लगे हैं। कुछ पेड़ तो जेल के समय के हैं। वीरवार सुबह लोग पहुंचे तो पार्क के बीचोंबीच चार शीशम व एक पीपल का पेड़ कटा मिला। लोग मौके पर एकत्रित हो गए। पार्क में जाने वाले प्रेम नगर के राजकुमार ने बताया कि पता किया तो एसएचवीपी की तरफ से बताया गया कि 19 सूखे व झूके पेड़ों को काटने का ठेका वन विकास निगम लिमिटेड को दिया हुआ था। इसमें आठ शीशम भी काटी जानी थी।
कार्यकारी अभियंता बोले-जेई ने की थी रिपोर्ट, आयुक्त बोले -जवाब लें
आयुक्त ने एचएसवीपी के कार्यकारी अभियंता से पूछा कि सूखे व झु़के पेड़ काटने थे, लेकिन हरे व स्वस्थ पेड़ क्यों काटे गए। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि जेई ने रिपोर्ट दी है। उसके बाद कार्रवाई हुई है। आयुक्त ने तत्काल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाकर मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी।
20 कालोनियों व बस स्टैंड पर आने वाले यात्री घूमते हैं पार्क में
पार्क के अंदर जेल रोड, विकास नगर, लक्ष्मी नगर, किशनपुरा, विशाल नगर, आजादगढ़, उत्तम नगर, प्रीत विहार, प्रेम नगर, सैनी कालेज रोड, हैफेड़ चौक, चांद नगर, कैलाश कालोनी, दुर्गा कालोनी व आसपास के के लोग पार्क में घूमने आते हैं। साथ ही बस स्टैंड पर आने वाले यात्री भी प्रचंड गर्मी में जरूरत पड़ने पर पार्क में विश्राम करते हैं।
...
पेड़ नहीं कटने देंगे, जवाब दें अधिकारी
निगम कार्यालय पहुंची शुगन गुप्ता ने कहा कि उनको पेड़ों से लगाव है, भाषणबाजी या फोटो खिंचवाने नहीं आए। किसी भी हालत में हरे पेड़ नहीं कटने देंगे।
........
उनका विभाग जरूरत पड़ने पर पेड़ काटने का कार्य करता है। पेड़ की मूल्य के हिसाब से राशि संबंधित विभाग को दी जाती है। एचएसवीपी की तरफ से लिखित में 19 पेड़ों की कटाई के लिए कहा गया था। चार-पांच पेड़ काटे हैं। एचएसवीपी के अधिकारी कहेंगे तो पेड़ वापस लौटा देंगे। पार्क के अंदर नंबर सिस्टम नहीं है।
जितेंद्र खोखर, अधिकारी वन विकास निगम लिमिटेड
तत्काल पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। साथ ही कार्यकारी अभियंता से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। उस जेई से भी जवाब मांगा जाएगा, जिसने मौके की रिपोर्ट बनाकर विभाग को दी थी।
धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
नगर निगम में लगे जनता दरबार में वीरवार को कुल 31 शिकायत आई थी, जिनमें से पांच शिकायत दूसरे विभागों की थी। 26 प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी थी। टैक्स की त्रुटियां दूर करने में समय लगेगा। क्योंकि प्रॉपर्टी आईडी में श्रेणी, सब आईडी तक को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत है। अगले सप्ताह फिर जनता दरबार लगाया जाएगा।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम