बेडवा के राजकीय मिडिल स्कूल में सोमवार को जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से सनसनी फैल गई।
आधी छुट्टी के दौरान खेल रहे 5वीं कक्षा के छात्र अमन की अंगुली में सेफ्टी पिन फंसने से ग्रेनेड मिट्टी से बाहर आया। पूर्व में पुलिस अधिकारी रहे और हाल में स्कूल के हेडमास्टर सत्यवीर साहरण ने ग्रेनेड को एकांत में रखकर पुलिस को सूचना दी।
महम पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने एक किलोमीटर दूर खेतों में ले जाकर ग्रेनेड को डिफ्यूज कर दिया। युद्ध में प्रयोग किया जाने वाला हथगोला करीब 20 साल पुराना था और जंग लगने के कारण उस पर किसी देश, कंपनी या सेना का मार्का नहीं दिख रहा था।
बताया जा रहा है कि तालाब खोदकर मिट्टी यहां स्कूल में डाली जा रही है। इसी मिट्टी में दबकर ग्रेनेड स्कूल तक पहुंचा।
तालाब में फेंका गया होगा हथगोला
मुख्याध्यापक सत्यवीर साहरण ने बताया कि बेडवा गांव में एक सार्वजनिक तालाब की खुदाई की गई। गर्मियों की छुट्टियों केे दौरान तालाब की मिट्टी स्कूल कैंपस में डलवाई गई। संभावना है कि ग्रेनेड को तालाब में फेंका गया था। तालाब की मिट्टी के साथ ही ग्रेनेड स्कूल कैंपस में आ गया होगा। आधी छुट्टी में मिट्टी में खेलने के दौरान ही छात्र अमन को ग्रेनेड बरामद हुआ। अमन ने ज्यादा छेड़खानी करने की अपेक्षा इसे संदिग्ध मानते हुए तत्काल मुझे दिखाया। छात्र ने अनजाने में यदि ग्रेनेड की सेफ्टी पिन निकाल दी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
2 मीटर के दायरे में थी 70 बच्चों की जिंदगी
गनीमत है कि जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने के बाद कोई अनहोनी नहीं हुई। नहीं तो दर्जनों बच्चों की जान जोखिम में होती। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का दावा है कि एक हैंड ग्रेनेड करीब दस मीटर के दायरे में सब कुछ तहत नहस कर देता है। जहां बम मिला, वहां से करीब 2 मीटर की दायरे में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। महम थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि हेडमास्टर की ओर से त्वरित सूचना मिलने के कारण अनहोनी को बचा लिया गया।
फोटो
- बेडवा के राजकीय मिडिल स्कूल में मिले जिंदा ग्रेनेड की जांच करते पुलिस अधिकारी।
- हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूस करते बम स्कवायड टीम के अधिकारी।
- हैंड ग्रेनेड दिखाते हेडमास्टर सत्यवीर साहरण व छात्र अमन।