रोहतक। पीजीआईडीएस छात्र उत्पीड़न के मामले में बुधवार आरोपी प्रोफसर ने छात्रों से माफी मांग ली। साथ ही जांच कमेटी की ओर से छात्रों की सभी मांगों को मान लिया गया है और आरोपी प्राे. को आगामी परीक्षा में गाइन व परीक्षक के रूप में नियुक्त नहीं करने की मांग को मान लिया गया है। इसके बाद छात्र एसोसिएशन के सदस्य इसे अपनी जीत बता रहे हैं।
2 अप्रैल को पीजीआईडीएस में छात्र के साथ मारपीट व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का मामला सामने आया था। इसके बाद से आरडीए और अन्य मेडिकल छात्र एसोसिएशन के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों के छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला था। पीजी छात्रों की ओर से आरोपी प्रो. को निलंबित करने, एमडीएस परीक्षा में परीक्षक नियुक्त नहीं करने, पीजी गाइड से हटाने की मांग की जा रही थी।
मामला सामने आने के बाद पीजीआई प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद से छात्र कई दिनों से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को 15 दिनों के इंतजार के बाद मामले में जांच रिपोर्ट ने छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है। साथ ही इस मामले में आरोपी प्रो. ने भी छात्रों से माफी मांग ली।