किसान आंदोलन में पहुंचे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा।
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महम। सरकार को खुले मन से किसानों की बात सुननी चाहिए। जब देशभर में राजनीतिक कार्यक्रम हो सकते हैं तो संसद का सत्र क्यों नहीं बुलाया जा रहा और संसद में किसानों के मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं रही। उक्त बातें राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वे शुक्रवार को मदीना टोल प्लाजा पर चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचे थे। इस अवसर पर उनके साथ महम के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी तथा रोहतक के विधायक बीबी बतरा भी थे। सांसद ने कहा कि पहले सरकार तुरंत कृषि कानूनों को तुरंत वापस लें। उसके बाद यदि किसानों की बेहतरी के लिए कुछ करना चाहती है तो संसद में चर्चा करके कानून लाएं।
दीपेंद्र ने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से केवल कारपोरेट घरानों को फायदा होगा। किसान और कृषि बर्बाद हो जाएंगे। हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां कृषि समृद्ध होगी तभी राज्य समृद्ध होगा। सांसद ने कहा कि निकाय चुनावों ने सिद्ध कर दिया है कि हर वर्ग किसान के साथ है। सोनीपत से सांपला तक भाजपा की हार हुई है। भाजपा का शहरों में जनाधार होने का भ्रम भी टूट गया है। उन्होंने हरियाणा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन के लिए आ रहे किसानों पर पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले तथा लाठियां चलाई गई। लोकतंत्र में अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। इस अवसर पर किसानों ने रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा का पुतला भी फूंका। सभा को संबोधित करते हुए महम के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसान का संघर्ष नहीं है, बल्कि 36 बिरादरी का संघर्ष है। किसानों की कोई जात नहीं है, खेती करने वाला हर व्यक्ति किसान है। खेती मजबूत होगी तभी व्यापारी तथा दुकानदार भी समृद्ध होगा। दांगी ने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। रोहतक के विधायक बीबी बतरा ने कहा कि वे खुद एक किसान हैं। कलानौर में उनकी जमीन है। वे किसानों की समस्या को अच्छे समझते हैं। सभा को किसान संघर्ष समिति की ओर से प्रेम सिंह, बलवान सिंह तथा पूर्व विधायक सोमबीर श्योराण ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन बलराम दांगी, बिल्लू हुड्डा, अनिल शर्मा, योगेंद्र सिंहपुरा तथा कृष्ण नहरा आदि भी उपस्थित रहे।