रोहित। सुविधाओं की कमी के कारण सरकारी स्कूल सिमटते नजर आ रहे हैं। जिले के कई ऐसे स्कूल हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं का ही टोटा सता रहा है। कहीं पानी के उचित बंदोबस्त का अभाव है, तो कहीं स्कूल में बिल्डिंग और अन्य सुविधाओं की कमी है। इन सुविधाओं की कमी के चलते अभिभावक बच्चों का दाखिला करवाने में हिचकिचा रहे हैं।
पाकस्मा में वाटर कूलर बंद है और काफी समय से कमरे पर ताला लटक रहा है। गांव मोरखेड़ी के सरकारी स्कूल में उपलब्ध वाटर कूलर चालू हालत में नहीं है। सांपला ब्लाॅक के गांव कसरेंटी के सरकारी स्कूल में सुविधाओं की कमी से बच्चों की संख्या कम हुई थी। शिक्षा विभाग ने गांव के स्कूल को वर्ष-2022 में पाकस्मा गांव के सरकारी स्कूल में समायोजित कर दिया। इसके बाद से प्राथमिक पाठशाला को कसरेंटी में ही संचालित किया जा रहा है। फिलहाल, कसरेंटी सरकारी स्कूल में करीब 28 बच्चों का दाखिला ही हो पाया है। यह संख्या पिछले करीब वर्ष 20 थी। इस बार ईंट-भट्टों के बच्चों का भी दाखिला करवाया गया है। स्कूल की बिल्डिंग बिल्कुल खराब है और शिक्षक भी केवल दो हैं। स्कूल में पेयजल के लिए शिक्षकों ने निजी आरो मशीन लगवाई गई है। इसके साथ ही, स्कूल में चोरी के केस भी बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण अभिभावक सुरेश व रामवीर का कहना है कि अगर स्कूल की स्थिति ऐसी ही रही तो गांव में स्कूल बिल्कुल बंद हो जाएगा। गरीब अभिभावक मजबूरी में निजी स्कूलों में भेजना शुरू करेंगे या बच्चों की पढ़ाई बंद करवा देंगे। फिलहाल, गांव के बच्चे निजी वाहनों से दूसरे गांव में पढ़ने के लिए जा रहे हैं।
- पाकस्मा गांव के स्कूल में पीने का पानी के लिए ड्रम बना सहारा :
पाकस्मा गांव में दो राजकीय विद्यालय हैं, जिसमें लड़कियों के लिए गांव के अंदर और लड़कों के लिए गांव के बाहर संचालित किया जा रहा है। लड़कियों वाले स्कूल में पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही लड़कों के स्कूल में पेयजल के लिए एक ड्रम ही विद्यार्थियों का सहारा बना हुआ है, जिसमें सुबह बच्चों की ओर पानी लाया जाता है। इसके बाद दिनभर उसी का प्रयोग करते हैं। हालांकि, स्कूल के मुख्य द्वार पर वाटर कूलर लगा हुआ है। यह काफी समय से बंद पड़ा है, जिसमें जाले लगे हुए हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि इस वर्ष-स्कूल स्ट्रक्चर में सुधार के लिए करीब 40 लाख रुपये भी पास हुए हैं।
स्कूलों में बढ रहे चोरी के मामले
गांव कसरेंटी और पाक्समा के राजकीय स्कूलों में निरंतर चोरी के मामले बढ़ रहे हैं। गांव कसरेंटी के सरपंच नरेश ने बताया कि स्कूल में सुधार नहीं किया जा रहा, बच्चे बेहद कम हैं। वहीं, कई कमरें बंद रहने से प्रत्येक सप्ताह चोरी हो रही हैं और स्कूल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हर बार एफआईआर दर्ज करवाई जाती है। शिक्षा विभाग को अवगत करवाया जाता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पाक्समा गांव के सरपंच जयभगवान ने बताया कि लड़कियों के स्कूल में कई बार चोरी की वारतदातें सामने आ चुकी हैं। कुर्सियां तोड़ने और कंप्यूटर लैब में चोरी की जा चुकी है।
सभी स्कूलों में पानी की व्यवस्था है। जहां पानी उपलब्ध नहीं, वहां पर जल्द ही पानी की उचित व्यवस्था करवाई जाएगी। चोरी के मामले हमारे संज्ञान में आए हैं, चौकीदार के पदों को भरने के लिए डिमांड भेज रखी है।
-मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।
12सीटीके38 मोरखेड़ी गांव के राजकीय स्कूल में वाटर कूलर की खराब हालत। संवाद
12सीटीके38 मोरखेड़ी गांव के राजकीय स्कूल में वाटर कूलर की खराब हालत। संवाद
12सीटीके38 मोरखेड़ी गांव के राजकीय स्कूल में वाटर कूलर की खराब हालत। संवाद