मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के परिवारों को बड़ी राहत दी है। इस योजना में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को लाभ दिया जा रहा है।
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जो परिवार बेटियों की शादी के का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते। ऐसे परिवारों को इस योजना से ऐसे परिवारों की सहायता की जा रही है। इस योजना के तहत विभिन्न वर्गों के लिए अनुदान राशि निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति और विमुक्त जाति के लाभार्थियों (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) की बेटियों के विवाह पर 71,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) की बेटियों के विवाह पर 41,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि विधवा, अनाथ, तलाकशुदा, बेसहारा महिलाएं और उनके बच्चों के लिए भी 51,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजना के तहत महिला खिलाड़ियों (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) के विवाह पर भी 41,000 रुपये की मदद दी जाती है। यदि वर-वधू दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें 51,000 रुपये की अनुदान राशि मिलती है, एक दिव्यांग है, तो 41,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।