22सीटीके02-इनेलो महिला प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला मैना पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत
रोहतक। प्रदेश सरकार की अधिकारियों पर पकड़ नहीं है। मुख्यमंत्री खुद संज्ञान लें तो एक मिनट में समाधान हो सकता है। दिक्कत यह है कि वे दिल्ली के निर्देश पर चल रहे हैं। अपना फैसला नहीं ले पा रहे हैं। यह कहना है इनेलो महिला प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला का। वे बुधवार को मैना पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
इनेलो महिला प्रधान महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक बार चौधरी देवीलाल को किसान नेता के कार्यक्रम में नहीं जाने की बात कही थी। उस समय वे मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं, लेकिन किसान नेता का कार्यक्रम नहीं। ऐसा वही कर सकते थे। वर्तमान मुख्यमंत्री ऐसा नहीं कर सकते। उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार तक के लिए दिल्ली जाकर अनुमति लेनी पड़ती है। ईवीएम पर कांग्रेस नेता हारने के बाद ही सवाल उठाते हैं। दीपेंद्र हुड्डा जीत जाते हैं तो ईवीएम ठीक हो जाती है, नहीं तो खराब। चुनाव से पहले एक लाइन टीवी पर चली थी। ईडी जल्द पहुंच सकती है भूपेंद्र हुड्डा के घर। यह लाइन तीन दिन ही चली थी। इसके बाद हट गई। इस लाइन ने साफ कर दिया था कि अब कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी।
कांग्रेस शुरू से ही किसान विरोधी
सुनैना चौटाला ने कहा कि जब-जब ईडी का डर भाजपा ने जिस नेता को दिखाया, उसने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। कुलदीप बिश्नाेई, नवीन जिंदल इसका उदाहरण हैं। ये साफ करते हैं कि भाजपा की बी टीम इनेलो नहीं कांग्रेस है। कांग्रेस शुरू से ही किसान विरोधी रही है। हमारे पूर्वजों ने इसी के चलते एक घास का नाम कांग्रेस रख दिया था। उन्होंने बेरोजगारी के लिए सरकार की नीयत व नीति दोनों को दोषी ठहराया। पिछले 10 साल में सरकार ने जनता के लिए ऐसा कुछ नहीं किया। सरकार महिलाओं के लिए एक साल में एक मुद्दा भी उठाती तो 10 साल में 10 मुद्दे पूरा कर सकती थी। पेपर लीक व स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में नकल के खेल पर उन्होंने कहा कि गलती एक बार, दो बार या तीन बार हो सकती है, 30 या 32 बार नहीं। इस मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच कर उचित कदम उठाया जाना चाहिए। इसी से व्यवस्था में सुधार संभव है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष डॉ नफे सिंह लाहली, कृष्ण कौशिक, सतीश नांदल रिठाल, शीला खरेटी, सुशीला राणा, राजेश ढाका, राजबीर वाल्मीकि समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।