बादली। अमावस्या के एक दिन बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धान पूजा की जाती है। इस बार 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा की जाएगी। भारतीय परंपरा में गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा अर्चना और भोग लगाने का विधान है।
गुभाना गांव के पंडित अमिताचार्य कौशिक ने बताया कि पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पहली नवंबर को शाम सवा 6 बजे शुरू होगी जो कि 2 नवंबर को रात 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। ऐसे में शास्त्र के अनुसार 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा करना उचित है। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पूजा के दौरान माखन और मिश्री का भोग लगाएं।