बाबा लक्ष्मण पुरी डेरा पर हरिद्वार जूना अखाड़ा से आए गोल्डन पुरी बाबा
आकर्षण का केंद्र रहे। संत ने आभूषणों के रूप में करीब तीन करोड़ रुपये का
सोना पहना हुआ था। भक्तों ने संत से आशीर्वाद लेने के साथ सेल्फी भी ली।
सुधीर
कुमार से गोल्डन पुरी बने बाबा ने बताया कि उनका 150 करोड़ रुपये के टर्न
ओवर का व्यवसाय था। बाद में अहसास हुआ कि जीवन में प्रभु का नाम ही सब कुछ
है। उन्होंने 2012 में इलाहाबाद के महाकुंभ में महंत मछंदरपुरी से गोल्डन
पुरी की उपाधि पाई। वे करीब 11 किलोग्राम का स्वर्ण आभूषण धारण करते हैं।
इसमें उनके इष्ट देवताओं का वास होता है। गौरतलब है कि गोल्डन पुरी बाबा के
आस-पास उनकी और तीन करोड़ के स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा के लिए निजी
बाउंसर हमेशा रहते हैं।