झज्जर। सिद्ध श्री 108 बाबा कांशी गिरि महाराज मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा सुनाते हुए कथा वाचक पं. पवन कौशिक ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रतीक है। भाव के सहारे ही परमात्मा मिल सकते हैं।
भगवान कृष्ण के कारागार में जन्म लेने के बाद से ही लगातार मौत के भय से डराया गया, लेकिन उन्होंने जब तक धरती से पाप खत्म नहीं हुआ तब तक अपना काम जारी रखा। इंसान को अगर परमात्मा से मिलना है तो प्रेम रूपी डोरी को प्रभु को सौंप देना चाहिए। सुधांशु हंस ने बताया कि महिला मंडली द्वारा आयोजित कथा के दौरान संगीता वर्मा, पूनम छाबड़ा, आशा ग्रोवर, संतोष हंस, शशि बहल, इंदू भुगड़ा ने फूलों से सजा दो गोकुल को मेरा कान्हा आने वाला है, कोई काजल की डिबिया ले आओ, कही नजर ना लग जाए कान्हा को मेरा लल्ला आने वाला है, कोई ढोल नगाड़े बजाओ रे, कोई मंगल गीत गाओ रे सब मिल के जय जयकार करों मेरा लल्ला आने वाला है भजन प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर बिमला नंदा, नारायणी सरदाना, शांति कटारिया, उषा काठपालिया, नीलम गाबा, इंदू शर्मा, भावना काठपालिया, रमेश लखेरा मौजूद रहे।