सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि घरों में क्वारंटीन किए गए लोगों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने को ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाए जाएं। मेडिकल कॉलेज व सभी अस्पतालों में सामान्य ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएं ताकि कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी सेहत सेवाएं दी जा सकें। कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण रोकने को सभी उपाय किए जाएं। सीएम सर्किट हाउस में जिला प्रशासन, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना से निपटने को किए गए प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे।
सीएम मनोहर लाल ने पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालड़ा और कोविड के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी से इस संबंध में पूरी जानकारी ली। कोरोना की टेस्टिंग और रिपोर्ट के बारे में पूछा। साथ ही पूल टेस्टिंग की संभावनाओं का भी पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि कम संक्रमण वाले क्षेत्रों में पूल टेस्टिंग की जाए, अगर इसके सकारारात्मक परिणाम आते हैं तो अन्य लोगों की भी जांच की जाए। ज्यादा संक्रमण वाले क्षेत्रों में पूल टेस्टिंग के बजाय व्यक्तिगत जांच की जाए। उन्होंने प्रदेश में कोरोना की प्रतिदिन जांच क्षमता की जानकारी ली, प्लाज्मा थेरेपी से इलाज के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के रुझान के अनुसार ही कार्रवाई की जाए। सीएम ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर और इससे होने वाली मौतों की दर की जानकारी ली। संक्रमित लोगों में एंटीबॉडी विकसित होने के बारे में पूछा, यह भी जानकारी ली कि एंटीबॉडी विकसित होने के बाद शरीर में कोरोना संक्रमण से प्रतिरोध की क्षमता क्या होती है। इस मौके पर मंडलायुक्त डॉ. डी सुरेश, आईजी संदीप खिरवार, निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, एडीसी महेंद्र पाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला भी मौजूद थे।
750 ऑक्सीजन बेड : डीसी
डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने को आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मरीजों के लिए तीन कोविड केयर सेंटरों में 750 ऑक्सीजन बेड का इंतजाम किया गया है। मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है। करीब ढाई हजार औद्योगिक इकाइयों में से ज्यादातर ने काम शुरू कर दिया है, जिनमें करीब 33 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला है।
छह हजार टेस्ट प्रतिदिन : डॉ. कालड़ा
पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालड़ा ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के छह हजार टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता है। पीजीआई की क्षमता 2000 टेस्ट प्रतिदिन है। यहां प्लाज्मा थेरेपी से इलाज शुरू किया गया है। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए दो लोगों का प्लाज्मा लिया गया है। एक संक्रमित को प्लाज्मा दिया जा चुका है। प्रदेश में कोविड के 4057 एक्टिव केस हैं, ठीक होने की दर बढ़ रही है। 80 प्रतिशत संक्रमितों की इलाज के दौरान 8-9 दिन में निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। केंद्र सरकार से 50 वेंटिलेटर मिले हैं, 150 और आने से सुविधाओं में वृद्धि होगी। 310 लोगों को घरों में क्वारेंटीन किया गया है। डॉ. ध्रुव चौधरी की देखरेख में एक ऐप विकसित किया गया है। जिससे कोरोना संक्र मितों का पता लगा कर अस्पताल में भर्ती करने में मदद मिलेगी। जल्द शुरू होने वाले इस ऐप में येलो, रेड व ग्रीन रंग हैं। किसी भी व्यक्ति द्वारा लक्षण बताने पर इससे संक्रमण का पता चल सकेगा।
मृत्यु में 80 फीसदी कमी : डॉ. ध्रुव
डॉ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि पीजीाई में कोरोना के 840 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 18 को आईसीयू में रखा गया है। कोविड-19 से होने वाली मौतों में 80 फीसदी कमी दर्ज की गई है। ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन सुविधा वाले 180 बेड और आईसीयू में 36 बेड हैं। पीजीआई में रोजाना 180 और सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 100 टेस्ट किए जा रहे हैं। जिनकी रिपोर्ट 24 घंटे में दी जा रही है।