संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विवि से मान्यता प्राप्त निजी नर्सिंग संस्थान की एएनएम दूसरे वर्ष की छह छात्राओं के इंटरनल अंक नहीं भेजने से फेल होने का मामला शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पानीपत आवास तक पहुंच चुका है। छात्राओं ने बताया कि 19 जनवरी को उन्होंने शिक्षा मंत्री के नाम पीए को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
नर्सिंग संस्थान प्रशासन ने छात्राओं के भविष्य को देखते हुए विवि को पत्र लिखकर इंटरनल असेसमेंट के अंक देखने की सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की थी। हालांकि विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा का कहना है कि पोर्टल ओपन करने का कार्य डीएमईआर (डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन रिसर्च) के हाथ में होता है। वहीं से पोर्टल ओपन किया जाता है।
विज्ञापन
ग्रुप सी की भर्ती के लिए नहीं कर पाए आवेदन
छात्रा सीमा ने बताया कि सीईटी क्वालीफाई है। प्रदेश सरकार की ओर से एएनएम कोर्स के आधार पर ग्रुप सी भर्ती निकाली गई थी। इस वजह से इसके लिए भी आवेदन नहीं कर पाए हैं। अगर रिजल्ट आ जाता तो इसके लिए आवेदन कर पाते। संस्थान प्रशासन की ओर से कोई समाधान ही नहीं किया जा रहा है।
यह है मामला
आदर्श स्कूल ऑफ नर्सिंग की छह छात्राओं ने शिक्षकों पर रिजल्ट में इंटरनल असेसमेंट अंक नहीं भेजकर उन्हें फेल करने और पास करने के लिए 30,000 रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इसको लेकर छह छात्राओं ने विवि को पत्र लिखकर शिक्षिका स्वेच्छा व सोनम पर आरोप लगाए हैं। हालांकि शिक्षिकाओं का कहना है कि आरोप गलत हैं। नंबर दिए गए हैं। अभी पोर्टल चल नहीं रहा है। पोर्टल चलने पर नंबर शो करने लगेगें। छात्राओं के मुताबिक 17 जनवरी को परिणाम आया था। इसमें थ्योरी में पास कर दिया गया। इंटरनल असेसमेंट के अंक नहीं लगने के कारण प्रैक्टिकल में फेल हो गए। फिर छात्राओं ने पोर्टल ओपन करने व गलती करने वालों पर कार्रवाई करने की अपील की थी।