19सीटीके27...गऊकर्ण पार्क में योग करते साधक। संवाद
रोहतक। शहर के गौकर्ण पार्क में हर रोज सुबह पांच से सात बजे के बीच ठहाकों के बीच 20 साल से 15 दोस्तों का सुबह योग करता है। योग का असर इतना है कि कोई अब तक डॉक्टर के पास नहीं गया तो कोई लकवे की बीमारी से ठीक हो गया। अब योग के माध्यम से दूसरों को शिक्षा दे रहे हैं। वहीं, बाबा बालकपुरी मेमोरियल पार्क में चल रहे योग शिविर में बाबा कालीदास ने हिस्सा लिया और करो योग और भगाओ रोग का मूलमंत्र दिया।
शौरा कोठी निवासी कृष्ण ने बताया कि वह बाबरा मोहल्ला स्थित हरिया गेट स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। 30 साल पहले उनके दोनों पैर लकवाग्रस्त हो गए थे। डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन किसी ने योग क्रियाएं करने की सलाह दी। उन्होंने लगातार योग क्रियाएं की। साथ ही 2005 में सरदार हवासिंह योग शिविर लगाने पार्क में आए। उनके जाने के बाद से लगातार 15 दोस्त मिलकर योग शिविर लगा रहे हैं। आज वह न केवल पार्क के चारों ओर सैर करते हैं, बल्कि स्वयं योग करने के साथ दूसरों को भी योग क्रियाएं करवाते हैं।
वहीं, गौड़ स्कूल के नजदीक कृष्णा कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय मनोहर लाल मेहता ने बताया कि वह 40 साल से योग कर रहे हैं। आज तक डॉक्टर के पास नहीं गए। पार्क में दूसरों को भी योग सिखाते हैं।
गौड़ स्कूल के नजदीक रहने वाले देवी सिंह ने बताया कि 2005 में सरदार हवा सिंह से उन्होंने योग सीखा था। उनके जाने के बाद वह खुद दूसरों को योग सिखाने लगे। वह दूसरों को योग कराते हैं। हर रोज 15 से 20 लोग आते हैं। योग करने से दिनभर उर्जा और उत्साह बना रहता है।
19सीटीके27...गऊकर्ण पार्क में योग करते साधक। संवाद
19सीटीके27...गऊकर्ण पार्क में योग करते साधक। संवाद
19सीटीके27...गऊकर्ण पार्क में योग करते साधक। संवाद