रोहतक। शहर की नई अनाज मंडी में रात नौ बजे बाद सन्नाटा पसर जाता है। यहां न तो रात गेट पास बनते हैं न ही आढ़तियों की दुकानें खुली रहती हैं। खरीद प्रक्रिया भी शाम को ही बंद हो जाती है। बुधवावर रात 10 बजे मंडी की पड़ताल की गई तो यह स्थिति सामने आई। मंडी के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर गेट पास काटने के लिए बने कमरों पर ताला लटका मिला।
मंडी के गेट नंबर चार पर पहुंचे तो यहां पहरेदार नजर आया। दरवाजे पर ही गेट पास के लिए बना कमरा बंद मिला। कुछ आगे बढ़े तो दुकानें भी बंद मिली। यहां एक किसान नजर नहीं आया। दूर तक सन्नाटा नजर आया। यहां करीब डेढ़ घंटे किसान का इंतजार किया। रात के समय कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा।
रात 10 बजे मंडी में शेड के बाहर गेहूं की ढेरियां नजर आईं। इनमें से कुछ पर ही तिरपाल ढका मिला। शेड में रखीं गेहूं की ढेरियों को बोरियों में भर कर उन्हें एक ओर रखते मजदूर अपने काम में लगे नजर आए। मंडी परिसर में रात के समय खरीद प्रक्रिया नजर नहीं आई।
10-रोहतक अनाज मंडी में खुले आसमान तले लगी गेहूं की ढेरियां। संवाद
10-रोहतक अनाज मंडी में खुले आसमान तले लगी गेहूं की ढेरियां। संवाद