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रोहतक में मालगाड़ी के दो टैंकरों से गैस रिसाव, 3 घंटे बाद हालात काबू

Mon, 28 Apr 2014 02:09 AM IST
रोहतक
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रोहतक रेलवे जंक्शन पर रविवार सुबह एक मालगाड़ी के दो टैंकरों से लिक्विड पेट्रोलियम गैस के रिसाव से अफरा-तफरी मच गई। मालगाड़ी के नजदीक वाले प्लेटफार्म को खाली कराया। दिल्ली कंट्रोल रूम को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई गई। तीन घंटे की मशक्कत के बाद आसौदा से पहुंची बचाव टीम ने सुबह 11 बजे रिसाव बंद किया तो सभी ने राहत की सांस ली। जरा सी चूक होती तो आधा रोहतक धधक उठता।
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आईओबीएम (वेस्टर्न) की मालगाड़ी तरल पेट्रोलियम गैस के टैंकर लेकर हिसार से घेवरा जाने के लिए निकली थी। यह मालगाड़ी सुबह 6:40 बजे रोहतक पहुंची। मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर तीन की डाउन लाइन के साथ लगती लाइन पर लिया गया। सुबह आठ बजे यात्रियों को गैस की भीषण गंध महसूस हुई।

पूछताछ केंद्र मे रिसाव की शिकायत की गई। शुरू में लग रहा था कि प्लेटफार्म पर चाय और पकोड़े बेचने वाले विक्रेताओं में से किसी के सिलेंडर से गैस लीक हुई है। जब जांच की तो पता चला गैस रिसाव मालगाड़ी में लगे गैस से भरे टैंकर्स से हो रहा है। रेलवे अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए, जब पता चला कि गैस रिसाव एक नहीं, बल्कि दो टैकरों से हो रहा है। 
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तुरंत जीआरपी और आरपीएफ की मदद से प्लेटफार्म नंबर तीन को खाली कराया गया। दिल्ली कंट्रोल रूम को सूचित कर हाईटेंशन तारों में बिजली सप्लाई रुकवाई गई। दमकल की गाड़िया बुलाई। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। करीब आधे घंटे में ही आईओसी की टीम आसौदा से रोहतक पहुंच गई। आईओसी की टीम ने आते ही गैस रिसाव रोकने का काम शुरू कर दिया।

11 बजे आईओसी के सहायक प्रबंधक अशोक कुमार ने रेलवे अधिकारियों को यह कहते हुए आश्वस्त किया कि अब खतरे की कोई बात नहीं है। उन्होंने मालगाड़ी को रास्ते में बिना रोके सीधे घेवरा ले जाने की सलाह भी दी। जम्मूतवी एक्सप्रेस की रवानगी के बाद दोपहर 11 बजकर 50 मिनट पर इस मालगाड़ी को भी घेवरा के लिए रवाना कर दिया गया।

आईओसी के सहायक प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि गैस टैंकर के ऊपर सेफ्टी वाल्व लगा होता है। गर्मी में गैस का प्रेशर अधिक होने के कारण दोनों टैंकरों का वाल्व क्रैक हो गया।

यह ठीक रहा कि अधिकारियों ने टैंकर के ऊपर भीगी बोरी रख दी। इससे तेजी से होने वाला गैस रिसाव धीमा पड़ गया। चूंकि हाईटेंशन की सप्लाई भी रोकी जा चुकी थी, लिहाजा लीकेज रोकने का काम शुरू हुआ।

रेलवे अधिकारियों ने गैस रिसाव की सूचना मिलते ही उद्घोषणा कराकर यात्रियों को सचेत कर दिया कि कोई भी बीड़ी और सिगरेट न पीए। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर सभी विक्रेताओं के सिलेंडर भी बंद कर दिए गए। इसके बावजूद आईओसी के अधिकारी चिंतित थे कि कहीं चिंगारी भड़क गई तो आधा रोहतक तबाह हो जाएगा।

 जिस जगह मालगाड़ी खड़ी थी, उससे कुछ ही दूरी पर ट्रेनों में डीजल भी भरा जाता है। आईओसी के सेफ्टी इंचार्ज महेंद्र रघुवंशी ने बताया कि रेलवे अधिकारी लगातार उनके संपर्क में रहकर उन हालातों पर काबू पाने का परामर्श लेते रहे, जो कि जरा सी लापरवाही पर भीषण तबाही का कारण बन सकते थे। उन्होंने बताया कि टैंकरों में इतनी अधिक गैस थी कि आधे रोहतक पर इसकी मार पड़ती।

इस पूरे घटनाक्रम में दमकल विभाग की लापरवाही भी सामने आई। इतनी अधिक मात्रा में गैस रिसाव होने की सूचना के बाद भी दमकल विभाग की केवल एक ही गाड़ी मौके पर पहुंची।

प्लेटफार्म नंबर तीन से ट्रेनों का संचालन बंद रखा गया। इस कारण रोहतक से पानीपत जाने वाली पैसेंजर गाड़ी करीब आधा घंटा लेट हुई। मालगाड़ी का इंजन भी अलग कर दिया गया था।

स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा ने बताया कि गैस रिसाव के कारणों की जांच आईओसी के अधिकारी करेंगे। यह गैस टैंकर का मामला था।

जीआरपी थाना प्रभारी मोहिंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने प्लेटफार्म तीन पर  सुरक्षा घेरा बनाए रखा ताकि कोई यात्री प्रवेश न कर सके। गाड़ी की रवानगी होने तक जीआरपी के कर्मचारी प्लेटफार्म तीन पर ही मौजूद रहे।

जीआरपी की कड़ी निगरानी के बावजूद गैस लीकेज का काम पूरा होने से पहले ही बीड़ी जल गई। आईओसी के अधिकारियों ने 11 बजकर 5 मिनट पर काम पूरा करने की घोषणा की, लेकिन स्टेशन परिसर में इससे पहले ही कुछ विक्रेता चाय, ब्रेड और पूड़ी बनाते नजर आए। कुछ लोग बीड़ी भी पी रहे थे।
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