गणेश चतुर्थी के साथ ही शहर में अगले 10 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम रहेगी। इस बार गणपति लोगों को बेटियों को बचाने, पढ़ाने और खेलों में बढ़ाने के साथ-साथ भाईचारा का भी संदेश देते नजर आएंगे। शहर में जगह-जगह बने गणेश पंडालों के साथ-साथ हर कालोनी और घर-घर में बप्पा विराजेंगे। सुबह पूजा-अर्चना होगी तो शाम को भजन संध्या और भक्तों के लिए कई प्रतियोगिताएं होंगी।
वहीं, गणेशोत्सव की पूर्व संध्या पर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने गणपति विसर्जन को लेकर भक्तों को चिंता मुक्त कर दिया है। ग्रोवर ने साधु-संतों को आश्वासन दिया है कि बप्पा की सभी मिट्टी की मूर्तियाें का विसर्जन जेएलएन नहर में किया जाएगा। इसकी व्यवस्था के लिए डीसी से बातचीत कर ली है।
सोमवार सुबह से ही मंदिरों, घरों और गणेश पंडालों में गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया के जयकारे गूंजने लगेंगे। सर्वप्रथम विधि विधान के साथ गणपति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस कड़ी में महिलाओं की ओर से कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए गणेश पंडालों में पहुंचेगी। शाम को दोबारा बप्पा की आरती होगी। इस दौरान कुछ भक्त अपनी मन्नतें एक पर्ची में लिखकर मन्नत पेटी में डालेंगे।
हुडा कांप्लेक्स में 30 मूर्तियाें का वितरण
गणेशोत्सव की पूर्व संध्या पर हिंदू जागरण मंच और समर्पण यूथ क्लब के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या मेें महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा छोटूराम चौक से शुरू हुई और हुडा कांप्लेक्स स्थित गणेश पंडाल में पहुंची।
क्लब के सदस्य अजेश गुप्ता ने बताया कि समारोह में मंच के रोहतक के अलावा जींद, झज्जर, भिवानी और सोनीपत के पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिन्हें क्लब की ओर से साढ़े चार से छह फुट की बनी मिट्टी की 30 मूर्तियों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि कोलकाता से करीब 11 फुट ऊंची मिट्टी के देवा लाए गए हैं, जिन्हें विधिवत सोमवार को पंडाल में स्थापित किया जाएगा।
दुर्गा भवन मंदिर में सूफी भजन संध्या
श्री 78 संघ परिवार की ओर से दुर्गा भवन मंदिर में 8वां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इसमें स्कूली बच्चों की इंटर स्कूल डांस स्पर्धा के साथ रक्तदान, मराठा महाआरती, बाल भोग हांडी, झूला महोत्सव, मेहंदी आदि गतिविधियां होंगी। संघ के प्रवक्ता निपिन गुप्ता ने बताया कि रोहतक के राजा की खासतौर से मिट्टी और ईको फ्रेंडली रंगों से मूर्ति तैयार कराई जा रही है।
पंडाल में देवा के वाहक मूषक को मन्नत पेटी के रूप में विराजमान किया जाएगा। सोमवार सुबह 9:30 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। शाम को बप्पा की आरती के बाद सूफी भजन संध्या होगी। साथ ही, भक्तों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ निजी सिक्योरिटी गार्ड के प्रबंध रहेंगे।
सैय्यद वाली गली में मनेगा 22वां गणेशोत्सव
शहर मेें गणेशोत्सव की शुरूआत मराठा परिवारों ने ही की थी। वे लगातार 22 साल से बप्पा का उत्सव मनाते आ रहे हैं। गणेश उत्सव मंडल की ओर से सैय्यद वाली गली में 22वां गणेशोत्सव मनाया जाएगा। पंडाल के सदस्य दीपक ने बताया कि मुंबई की तर्ज पर मूर्ति की स्थापना होगी। सात सितंबर को गणपति का जन्मदिन केक काटकर मनाया जाएगा। 12 सितंबर को महारक्तदान शिविर तो 13 सितंबर को विशाल भंडारा लगाया जाएगा।
जेएलएन नहर में होगा मूर्ति विसर्जन
जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष स्वामी परम चैतन्य ने कहा कि गणपति विसर्जन को लेकर कनाल रेस्ट हाउस में मंत्री मनीष ग्रोवर से मुलाकात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जितने बड़े पंडालों या घरों में मिट्टी के गणपति लाए गए हैं, उनका जेएनएल नहर में विसर्जन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकतर छोटी मूर्तियां पीओपी की होती हैं, इसलिए उन्हें विसर्जन करने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए गौकर्ण तालाब या दूसरे स्थल का प्रबंध किया जाएगा।