ओल्ड आईटीआई स्थित सीआईए स्टाफ-1 में रविवार को पत्रकाराें से बातचीत करते उप पुलिस अधीक्षक सांपल
रोहतक। जिले के गांव कारोर की खूनी रंजिश के चलते दिवाली के दिन हुए मोहित हत्याकांड में पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। सीआईए प्रथम की टीम ने मोतिया खान (दिल्ली) से आरोपी प्रशांत उर्फ अंशुल निवासी पर्वतीय कॉलोनी (फरीदाबाद) और रोहित उर्फ मोटा निवासी गांव टिटोली (रोहतक) को गिरफ्तार किया है। रविवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मुख्य आरोपी जतिन और उसका साथी सोनू अभी फरार है।
डीएसपी सांपला राकेश मलिक ने बताया कि 12 नवंबर दिवाली के दिन सूचना मिली कि कारोर गांव में एक युवक की गोली मारकर हत्या की गई है। आईएमटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गांव निवासी अजित ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे उसका बेटा मोहित बाइक पर खेत से आ रहा था। जब वह कुम्हारों वाली गली के पास पहुंचा तो गांव के युवक जतिन ने कपिल, पुलकित व अन्य युवकों के साथ मिलकर मोहित पर फायरिंग शुरू कर दी। वह अपनी जान बचाने के लिए गली में भागा तो युवकों ने पीछा कर गोली मार दी। इससे वह गली में गिर गया। आरोपियों ने गिरने के बाद उसे कई गोलियां मारी। 13 गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। एएसआई विनोद दलाल, मंजीत व अमित के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ की टीम ने दबिश देकर आरोपियों को धर दबोचा।
मोहित पर था आनंदपाल हत्याकांड में मुखबिरी का शक
कारोर में कई सालों से छाजू गैंग व अनिल छिपी गैंग के बीच रंजिश चल रही है। रंजिश के चलते दोनों पक्षों के 19 से ज्यादा लोगों की हत्या हो चुकी है। साल 2018 में अनिल छिपी गैंग ने छाजू गैंग के आनंदपाल की हत्या को अंजाम दिया था। हत्या में पुलिस ने गांव के युवक मोहित निवासी कारोर भी गिरफ्तार हुए था। मोहित पर आनंद की रेकी करने का शक था।इसका बदला लेते हुए छाजू गैंग से जतिन ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहित की हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।