पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में सामने आए नकल के खेल की जांच शुरू हो गई है। सच जानने के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को विवि पहुंचकर मामले से जुड़ी जानकारी मांगी।
यही नहीं, 80 एमबीबीएस विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं भी जांची जाएंगी। इसकी वजह शिकायतकर्ता को उत्तर पुस्तिकाएं बदलने का आरोप लगाना है।
एमबीबीएस में पास कराने के लिए नकल का खेल चलाने वाले गिरोह की पर्तें खोलने के लिए कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कमेटी ने सोमवार को विवि का दौरा किया। यहां मामले से जुड़े तथ्य जुटाने के साथ 80 विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं मांगी हैं। ये सभी कापियां एक निजी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की हैं। इन विद्यार्थियों ने पास होने के लिए दूसरे विद्यार्थियों की मदद ली है।
शिकायत में इनकी लिखावट मिलाने की मांग की गई है। यही नहीं, उत्तर पुस्तिका के पहले पेज पर लगे बार कोड को उखाड़कर दूसरी उत्तर पुस्तिका पर चिपकाने की बात भी सामने आई है। ऐसा विद्यार्थी समय बचाने के लिए करता है। ऐसे में उत्तर पुस्तिका की लिखावट का मिलान जरूरी हो जाता है। उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ के संदेह के चलते जांच कमेटी ने विवि प्रशासन से कापियां मांगी हैं। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो बड़ी गड़बड़ी सामने आने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।