एशिया कप में जूनियर खिलाड़ियों को भेजा
- फोटो : अमर उजाला
तीरंदाजी का एशिया कप सीनियर का होगा और उसमें देश के लिए मेडल जीतने को निशाना सभी जूनियर खिलाड़ी लगाएंगे। क्योंकि चीन के ताइपे में 7-14 सितंबर तक होने वाले तीरंदाजी के एशिया कप में सभी जूनियर खिलाड़ियों को भेजा गया है। सभी की उम्र 14-20 साल है और इनमें भी 18 साल से कम उम्र वाले खिलाड़ी ज्यादा हैं। हालांकि साई के अधिकारी यह कह रहे हैं कि जूनियर खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक भी सीनियर को नहीं भेजा गया है। यह देखना होगा कि आर्चरी एसोसिएशन और साई का यह फैसला कितना सही साबित होता है।
चीन के ताइपे में 7 सितंबर से शुरू हो रहे तीरंदाजी एशिया कप के लिए तीरंदाजों को ट्रायल के माध्यम से चुना गया है। इसका ट्रायल रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में साई ने कराया। इस ट्रायल में सीनियर खिलाड़ी को शामिल नहीं किया, बल्कि जूनियर तीरंदाज ही शामिल किए गए। एशिया कप में जूनियर तीरंदाज भेजने की पहले ही पूरी तैयारी कर ली गई थी।
इस ट्रायल के बाद चीन में खेलने के लिए जिन 16 तीरंदाजों को चुना गया, उनमें हरियाणा, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र के खिलाड़ी शामिल हैं। यह सभी पिछले कई माह से एशिया कप के लिए रोहतक में प्रैक्टिस भी कर रहे थे और मंगलवार को चीन के लिए रवाना हो गए। सबसे बड़ी बात यह है कि साई और भारतीय तीरंदाजी संघ ने स्पर्धा में एक भी सीनियर तीरंदाज को नहीं भेजा और जूनियर खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताया। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि तीरंदाजी में जूनियर भी अच्छा खेल रहे हैं और उनको विदेश में खिलाकर आगे बढ़ाने के लिए एशिया कप में भेजा गया है।
सीनियर तीरंदाज पिछले दिनों ही कई जगह खेले हैं, जिनमें ओलंपिक भी शामिल है। जबकि जूनियर तीरंदाज काफी समय से विदेश में नहीं खेले हैं और उनका प्रदर्शन भी काफी अच्छा है। इसको देखते हुए ही जूनियर तीरंदाजों को एशिया कप में खेलने के लिए चीन भेजा गया है।
- सतीश सरहदी, सीओओ साई एकेडमी रोहतक।