हरियाणा के रोहतक में गोहाना रोड स्थित दयानंद मठ में मालिकाना हक को लेकर नवनियुक्त कार्यकारिणी ने समर्थकों सहित पहुंचकर वहां अपना काम शुरू कर दिया और आचार्य बलदेव सहित अन्य पदाधिकारियों का सामान बाहर निकाल दिया।
नवनियुक्त कार्यकारिणी ने कहा कि बारह दिसंबर को चयनित की गई कार्यकारिणी को मान्यता मिली हुई है और आचार्य बलदेव अब आर्य समाज के किसी भी सभा के पद पर नहीं है और उनका दयानंद मठ में किसी भी कार्यवाही में हस्तक्षेप भी नहीं रहा है।
जब इस मामले का पता आचार्य बलदेव पक्ष के लोगों को लगा तो काफी संख्या में आर्य समाजी मौके पर पहुंच गए।
टकराव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर बुलाई गई है। समाचार लिखे जाने तक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
आचार्य बलदेव और अन्य पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंच पाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मठ में धारा 145 लगा दी है, जिसके तहत जिला प्रशासन अब मठ अपने अधीन कर लेगा।
मंगलवार दोपहर बाद अनिला आर्य के नेतृत्व में काफी संख्या में आर्य समाज के लोग दयानंद मठ पहुंचे और आचार्य बलदेव की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का सामान बाहर रखवा दिया।
अनिल आर्य ने कहा कि आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा का चुनाव बारह दिसंबर को हुआ था। जिसमें सुनीता आर्य को उपप्रधान, मा. वेदप्रकाश आर्य को मंत्री, राजरानी आर्या को कोषाध्यक्ष, राकेश आर्य को पुस्तकालयाध्यक्ष चुना गया था और नई कार्यकारिणी ने 20 दिसंबर को अपना कार्य शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के पूर्व अधिकारी आचार्य विजयपाल, आचार्य बलदेव का कार्यकाल 19 दिसंबर को समाप्त हो गया।
अब दयानंद मठ में आचार्य बलदेव व पुरानी कार्यकारिणी का हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
दयानंद मठ में दूसरे पक्ष के पहुंचे की खबर मिलते ही काफी संख्या में आचार्य बलदेव पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बनी हुई है।
मामले को देखते हुए जिला पुलिस ने मठ के अंदर व बाहर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी है।
पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर ही मौजूद है। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।