रोहतक। शहर में दूध डेयरियों से निकल रहे गोबर और गंदगी से सीवर लाइनें जाम हो गई हैं। गंदा पानी अब घरों में भर रहा है। कच्चा बेरी रोड की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां नाते-रिश्ते तक आने बंद हो गए हैं। महिलाएं बताती हैं कि सरकारी नौकरी कर रहे लड़कों को भी शादी के लाले पड़ रहे हैं। लोग कहते हैं, आखिर इस नरक में अपनी बेटी को क्यों झोंक दें?
यों तो डेयरियों को शहर के बाहर निकालने की कसरत दशकों पुरानी है। वर्ष 2003 में चौटाला सरकार ने रोहतक से डेयरियों को बाहर ले जाने के लिए कन्हेली रोड पर कॉम्प्लेक्स बनाया। यहां 350 से ज्यादा प्लाॅट काटे गए। उस समय डेयरी मालिकों ने प्लाॅट ले तो लिए, लेकिन वहां गए आज तक नहीं।
वहां 200 से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। डेयरी मालिक तर्क करते हैं कि नगर निगम पूरी सुविधाएं नहीं दे रहा है। सीवर लाइन, पीने के पानी की लाइन और पशु अस्पताल तक की कमी है।
इसी कारण माल गोदाम रोड, कच्ची बेरी रोड, पुराने गवर्नमेंट स्कूल के पीछे, एकता कॉलोनी, कन्हेली, आजादगढ़ से डेयरियां नहीं हट पाईं। सबसे ज्यादा दिक्कत माल गोदाम रोड व कच्चा बेरी रोड पर है। यहां नाली में बहाए गए गोबर से सीवर लाइन जाम हो चुकी है। गंदगी सड़कों पर अटी पड़ी है।
-
दो दिन पहले पड़ोस में आई एक महिला से बेटे के रिश्ते की बात चलाई तो जवाब मिला, कौन देगा इस नरक में बेटी को। बात उनकी सही भी है। है तो यहां नरक ही। डेयरियां हटाने के लिए नए डीसी से मिलूंगी। - रमा उप्पल, कच्चा बेरी रोड।
...
मेरे नजदीक एक व्यक्ति के दो बेटे हैं। एक सरकारी नौकरी करता है, जबकि दूसरा नोएडा जाता है। 30 साल से ज्यादा की उम्र हो गई, लेकिन कोई रिश्ता नहीं आ रहा। स्थिति बेहद खराब है। लाइनें लीक होने से गोबरयुक्त पानी मिलता है। - वीना मल्होत्रा, कच्चा बेरी रोड
...
पार्षद प्रतिनिधि बोले- 9 मई को सदन में रखूंगा बात
वार्ड नंबर 18 के पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र रोहिल्ला कहते हैं कि कच्ची बेरी रोड के आसपास रहने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं। वहां जाकर मैंने बात भी की है। डेयरियों के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां का हाल 9 मई को सदन की बैठक में उठाया जाएगा। समाधान की मांग की जाएगी।
...
डेयरियों की वजह से सीवर लाइन जाम होने की समस्या काफी पुरानी है। डेयरी संचालकों के साथ बैठक करके कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा।
- धर्मेंद्र सिंह, नवनियुक्त डीसी रोहतक।