रोहतक। दुष्कर्म के केस में एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने सब इंस्पेक्टर के बेटे नवनीत उर्फ नीटू को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। उसके दोस्त की पत्नी ने ही वर्ष 2023 में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। करीब पौने 2 साल तक जेल में रहने के बाद आरोपी अब बाहर आया है।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक एक महिला ने अप्रैल 2023 में महिला थाने में शिकायत दी कि उसकी शादी सोनीपत हुई थी। इसके बाद एक बेटा हुआ। मनमुटाव के कारण वह पति से अलग मायके में रह रही थी। 2020 को उसके पति का दोस्त नवनीत उर्फ नीटू उसके घर पर आया। वह घर पर अकेली थी।
उसने जूस के गिलास में नशीला पदार्थ मिला मिला दिया। आरोपी ने बेहोशी की हालत पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बात का पता उसे होश में आने पर चला। विरोध जताने पर आरोपी ने कहा कि उसने पूरे घटनाक्रम की वीडियो बना लिया और इसे इंटरनेट पर वायल करने की धमकी दी। आरोपी ने उसे शादी का भी झांसा दिया।
आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर अपने पिता के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल स्थित सरकारी क्वार्टर में लेकर गया, जहां फिर जूस में नशीला पदार्थ मिला दिया। साथ ही नशे की हालत में अभद्रता की। इसके बाद आरोपी उसे सेक्टर-4 की पुलिया के पास छोड़कर चला गया। वह धमकी देता कि उसके पिता पुलिस में नौकरी करते हैं इसलिए वह कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।
महिला का कहना है कि नवनीत से उससे एक कोरे कागज पर उससे हस्ताक्षर करा लिए और बाद में उसे ज्ञात हुआ कि सहमति संबंध के झूठे कागजात भी बना लिए। उसने जब शादी की बात की तो वह आनाकानी करने लग गया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
एफएसएल व डीएनए रिपोर्ट में साबित नहीं हो सके आरोप
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि कोर्ट में पेश की गई एसएफएल रिपोर्ट और डीएनए में आरोप साबित नहीं हो सके। महिला ने एफआईआर में पहली बार अपने साथ अगस्त 2020 को दुष्कर्म की बात कही। केस अप्रैल 2023 में दर्ज कराया गया। शनिवार को एएसजे संदीप दुग्ग्ल की अदालत ने नवनीत उर्फ नीटू को बरी कर दिया। आरोपों की वजह से नीटू को करीब पौने 2 साल तक जेल में रहना पड़ा।