रोहतक। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। किसी ने पहले तो योजना के तहत इंदिरा कॉलोनी स्थित बैंक में खोले खाते से 4 लाख 6 हजार निकलवा लिए। इसके बाद योजना की निदेशक एवं जिला परिषद के सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक खाता बंद करवा दिया। योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक करौंथा निवासी विनोद कुमार ने सिटी थाने में केस दर्ज कराया है।
पुलिस को दी शिकायत में योजना के कार्यक्रम प्रबंधक विनोद ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना चला रखी है। जिला परिषद के सीईओ के पास जिला मिशन के निदेशक की जिम्मेदारी होती है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनाए जाते हैं और इन समूहों के ऊपर गांव में ही इनके ग्राम संगठन बनाए जाते हैं। इन ग्राम संगठनों को अपनी आजीविका शुरू करने और आपसी लेन- देन के लिए फंड सरकार उपलब्ध कराती है।
योजना के तहत सिंहपुरा गांव में मेरी पहचान महिला ग्राम संगठन का गठन बनाया गया था। नौ अक्तूबर 2020 में इंदिरा कॉलोनी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाता खुलवाया गया। खाते में सरकार ने 3,75,000 रुपए की राशि 10 अगस्त 2021 को जमा करवाई थी। जब बैंक से खाते की स्टेटमेंट निकलवाई तो पता चला कि खाते से 4 लाख 6 हजार 877 रुपये डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से निकाले गए हैं। जब मिशन के तहत तय सीमा से ज्यादा राशि निकालने का कारण पूछा तो खंड कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ने 14 अक्तूबर 2024 को बताया कि संगठन के लेनदेन की कोई जानकारी नहीं है। न ही गांव मं ग्राम संगठन की कोई बैठक होती है। जब बैंक से रिकाॅर्ड मंगवाया गया तो बैंक ने बताया कि खाता बंद हो चुका है। बैंक खाते से 4,06,877 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जारी किया जा चुका है। विभाग ने जांच की तो पता चला कि बैंक खाते को बंद कराने के लिए योजना के निदेशक एवं सीईओ जिला परिषद के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर का प्रयोग किया गया है, ताकि निकाली गई राशि का गोलमाल किया जा सके। सिटी थाना प्रभारी रवींद्र ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।