रोहतक। डीएलएफ कॉलोनी निवासी उमा हंस की बगिया में हरियाली के साथ खुशबू भी बिखरी है। 8 साल पहले बनाई गई उनकी बगिया में अब 250 से अधिक छोटे-बड़े पौधे लहलहा रहे हैं। बड़े पौधों से ही वे छोटे पौधे तैयार करती हैं। इन्हें अपने जानकारों व रिश्तेदारों को गिफ्ट भी देती हैं।
गृहिणी उमा का कहना है कि सुबह जब परिवार के सदस्य इन पौधों को देखते हैं तो सभी को सुकून मिलता है। वे पौधों को बच्चों की तरह मानती हैं। उनकी सुबह-शाम देखभाल करती हैं। आंगन में प्राकृतिक सौंदर्य देखकर सभी का मन हर्षित हो उठता है।
उमा की शादी 30 साल पहले डीएलएफ कॉलोनी निवासी जोगिंदर हंस के साथ हुई थी। वे रोहतक में ही रामनगर की बेटी हैं। पौधों का शौक उन्हें मायके से ही है। पति भी पौधों की देखभाल में उनका सहयोग करते हैं।
गर्भकाल में लगाया पौधा है यादगार
वे बताती हैं कि शादी के 1 साल बाद उन्होंने गर्भकाल के दौरान ही आंगन में पौधा लगाया था जो उनके लिए यादगार है। पौधे का नाम सॉन्ग ऑफ इंडिया है। जब भी वह पौधे को देखती हैं तो बच्चों की याद आती है।
6 साल में लगाए पौधे से बना पेड़
एमए, बीएड पास उमा का कहना है कि पौधों की उचित देखभाल से उनकी उम्र बढ़ाई जा सकती है। करीब 6 साल पहले उनके हाथ-पैरों में दर्द होने लगा तो वह हरसिंगार के पौधे की पत्तियां और कुछ बीज लाई। पत्तियों का उन्होंने प्रयोग किया और बीज गमले में डाल दिया जो फिर पौधा बन गया। अब वही पौधा पेड़ का रूप ले चुका है।
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बगिया में इन प्रजातियों के पौधे
उनकी बगिया में गुलाब, गेंदा, सदाबहार, गुड़हल, पारिजात, मोगरा, चमेली, चंपा, रात की रानी, हरसिंगार, केली फूल वाले पौधों के अलावा पुदीना, तुलसी, एलोवेरा, पत्थरचट्टा, धनिया, मरवा, मैक्सिकन मिंट आदि औषधि पौधे भी लगाए हुए हैं। सिंगोनियम, पाम, पर्पल हार्ट, स्नेक प्लांट, स्पाइडर प्लांट, जेड प्लांट, मनी प्लांट व कैकटस आदि के पौधे भी है ताकि घर में फूलों से सजावट के साथ ही प्राकृतिक वातावरण भी नजर आए।
गर्मी के मौसम में विशेष देखभाल
गर्मी के मौसम में पौधों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए ग्रीन नेट लगाया है। सुबह-शाम पौधों में पानी भी देती हैं। समय-समय पर उनकी कटिंग भी करते हैं उनमें खाद भी डालते हैं ताकि बगिया को हरा भरा बना रखा जा सके।