रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में एमबीबीएस की परीक्षा में नकल के मामले में चार और आरोपी पुलिस की रडार पर हैं। इस केस में बुधवार को जेल भेजे गए दो आरोपियों से मिले सुराग के आधार पुलिस जांच कर रही है। विवि की परीक्षा शाखा व आरोपियों से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जांच सही दिशा में चली तो जल्द अन्य आरोपी भी गिरफ्तार हो सकते हैं।
इस मामले में रोशन लाल को मोबाइल फोन पर प्रश्न पत्र भेजने वाले प्रोग्रामर जितेंद्र व उसके साथी क्लर्क सोनू से पूछताछ के बाद पुलिस को पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। इनके आधार पर जांच की जा रही है। आरोपी जितेंद्र प्रश्न पत्र लीक करने के लिए परीक्षा शाखा के कुछ लोगों को रुपये देता था। पुलिस रुपये लेने वाले इन लोगों की तलाश में जुट गई है।
परीक्षा शाखा में ड्यूटी व परीक्षा में उनकी भूमिका का पता लगाने के बाद पुलिस अगला कदम उठाएगी। ऐसे में संस्थान में जल्दी ही तीन से चार और आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी की चर्चा है।
विवि के बड़े अधिकारी अब तक पुलिस की पहुंच से हैं बाहर
एमबीबीएस विद्यार्थी की शिकायत के बाद हुई जांच में जनवरी 2025 में नकल के मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस में शिकायत देकर 41 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। इसमें यूएचएस के 24 विद्यार्थी और 17 कर्मचारी आरोपी हैं। पुलिस ने मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में विवि के अधिकारी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। अधिकारियों की शह के बगैर कर्मचारियों का उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा शाखा से निकालकर और इन पर उत्तर लिखवाकर वापस जमा कराना या प्रश्न पत्र लीक करना असंभव है। सीसीटीवी व सुरक्षा कर्मचारियों के कड़े पहरे के बावजूद यह गड़बड़ी होना अपने आपमें सवाल खड़े कर रही है।
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एमबीबीएस में नकल के खेल मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पकड़े गए आरोपी जूनियर प्रोग्रामर जितेंद्र व क्लर्क सोनू को जेल भेज दिया गया है। केस से संलिप्त अन्य आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- दलीप सिंह, डीएसपी।