केरल के कन्नूर में आयोजित चौथी सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रोहतक की चार मुक्केबाजों ने स्वर्णिम पंच जड़कर जिले का नाम रोशन किया। गांव रुड़की की ज्योति और मोनिका ने रेलवे की ओर से खेलते हुए गोल्ड व नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी की खिलाड़ी कविता चहल और सोनिया चहल ने भी स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता में कुल 12 हरियाणवी खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं जिनमें से चार का संबंध रोहतक से है। कोच विजय हुड्डा ने बताया कि रेलवे की ओर से खेलते हुए रुड़की गांव की मोनिका ने 48 किलोग्राम वर्ग में ऑल इंडिया पुलिस की बीना देवी को को 5-0 ये हराकर फाइनल जीता। ज्योति ने भी रेलवे की ओर से ही खेलते हुए 51 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की खिलाड़ी ऋतु ग्रेवाल को 5-0 से हराया। ऑल इंडिया पुलिस की ओर से अर्जुन अवॉर्डी कविता चहल ने 81 से ऊपर भारवर्ग में हरियाणा की खिलाड़ी को 5-0 से हराया। वहीं रेलवे से सोनिया चहल ने 57 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की खिलाड़ी को 3-2 से हराया। ज्योति को अंतिम दिन बॉक्सर ऑफ दा डे और मोनिका को 48 किलोग्राम में बॉक्सर ऑफ टूर्नामेंट चुना गया।
रुड़की गांव की ज्योति और मोनिका शहीद बैतू सिंह स्टेडियम में करती हैं प्रेक्टिस
48 किलोग्राम भार वर्ग में मोनिका पुत्री रणधीर सिंह और 51 किलोग्राम भारवर्ग में ज्योति पुत्री मामन सिंह गांव के ही शहीद बैतून सिंह स्टेडियम में कोच विजय हुड्डा के पास प्रशिक्षण लेती हैं। दोनों खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। दोनों ने ही 2013 में गांव रुड़की में खेलना शुरू किया था।
मोनिका सीनियर नेशनल 2017 में सिल्वर, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में 2016 और 2017 में विजेता, 2018 में इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। वहीं ज्योति यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, यूथ नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड के साथ-साथ इंटनेशनल चैंपियनशिप जीत चुकी है।
सोनिया ने कविता से प्रेरित होकर की शुरूआत, अब दोनों ने एकसाथ जीता गोल्ड
सोनिया और कविता रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम स्थित एनबीए में अभ्यास करती है। दोनों ही खिलाड़ी चरखी दादरी के निमड़ी गांव की रहने वाली है। सोनिया चहल 2018 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर और इसी वर्ष बैंकॉक में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। सोनिया ने बताया कि उन्होंने गांव की कविता चहल से ही प्रेरित होकर 2011 में मुक्केबाजी शुरू की थी। पहले छह माह कोच जगदीश सिंह के पास प्रेक्टिस करने के बाद उन्होंने छह माह में ही स्कूल लेवल नेशनल में गोल्ड मेडल जीता था। उनके पिता जय भगवान किसान है और माता नीलम गृहिणी है।
बेटे को जन्मदिन पर दिया गिफ्ट में गोल्ड मेडल
कविता चहल ने बताया कि उसे गोल्ड जीतकर बहुत खुशी हुई है। आठ दिसंबर को ही उनके बेटे विराट खर्ब का जन्म दिन है। वह चार साल का हो गया है। इसलिए उनकी खुशी दोगुनी हो गई है।
कविता ने बताया कि उसका जन्म 8 अप्रैल 1985 में भिवानी हाल चरखी दादरी के निमड़ी गांव में हुआ। पिता भूप सिंह सेना में मुक्केबाज थे। एक दिन वे प्रेक्टिस के लिए जा रहे थे तो उन का एक्सीडेंट हो गया। उन्हें गंभीर चोटें आई। वे कई दिनों तक कोमा में रहे। धीरे-धीरे ठीक हुए। इसी दौरान एक दिन घर पर टीवी पर लड़कियों को भी मुक्केबाजी करते देखा तो वह उन्हें भी भिवानी में द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जगदीश सिंह के पास ले गए। उस समय मेरी उम्र 18 साल थी और स्कूल में कबड्डी खेलती थी। 2007 में नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 64 किलोग्राम भारवर्ग में खेलना शुरू किया था। लेकिन अब 81 किलोग्राम वर्ग में खेलती है उन्होंने कोच के कहने पर वजन बढ़ाया वह स्पोर्ट्स कोटे में हरियाणा पुलिस में कार्यरत है। 2011 में शादी हो गई थी। जिसके बाद पति सुधीर और ससुराल वालों ने खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। शादी के बाद नेशनल चैंपियनशिप में लगातार 4 बार गोल्ड मेडलिस्ट बनी और ‘अर्जुन अवॉर्ड’ मिला। 8 दिसंबर 2015 को बेटा विराज पैदा हुआ। इस दौरान करीब दो साल तक रिंग से दूरी बनी रही। जिसके बाद उन्होंने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में विश्व पुलिस खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता है।
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