केस में पुलिस की ओर से 340 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसमें 52 गवाह बनाए गए थे। बसाना गांव के पूर्व सरपंच सीताराम राठी सहित छह घायल अहम गवाह साबित हुए। घायलों ने आरोपियों को अदालत में अच्छी तरह से पहचाना।
विष्णु हत्याकांड में आरोप साबित करने के लिए हथियारों की फोरेंसिक जांच व मजबूत गवाही बेहद अहम साबित हुई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि पूर्व विधायक बाली पहलवान से बरामद डबल बैरल गन से मौके से बरामद कारतूस चले हैं। मेडिकल रिपोर्ट ने साफ किया कि डबल बैरल गन से चली गोलियां मृतक व घायलों को लगी।
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उप जिला न्यायवादी गजेंद्र मोर व ललित सहरावत ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से 17 कारतूस बरामद किए थे। पूर्व विधायक बाली पहलवान से रिवाॅल्वर, राइफल व डबल बैरल गन बरामद की थी। दो हथियार पूर्व विधायक ने वारदात के 18 दिन बाद तत्कालीन आईजी के सामने सरेंडर करते समय जमा करवा दिए थे।
डबल बैरल गन पूर्व विधायक के आवास से बरामद की गई थी। जांच रिपोर्ट से पता चला कि घटनास्थल पर बरामद 17 कारतूस मिले थे। इसमें डबल बैरल गन से चले कारतूस भी शामिल हैं।
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मेडिकल रिपोर्ट से साबित हुआ कि मृतक विष्णु व घायलों को घटनास्थल से बरामद गोलियां लगी हैं। इस तरह कड़ी-से-कड़ी जोड़ते हुए अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए वैज्ञानिक तथ्य देने में सफल रहा।
घायलों की मजबूत गवाही... पूर्व विधायक चला रहे थे रिवाॅल्वर से गोलियां
केस में पुलिस की ओर से 340 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसमें 52 गवाह बनाए गए थे। बसाना गांव के पूर्व सरपंच सीताराम राठी सहित छह घायल अहम गवाह साबित हुए। घायलों ने आरोपियों को अदालत में अच्छी तरह से पहचाना। गवाहों ने कहा कि पूर्व विधायक बाली पहलवान हाथ में रिवाॅल्वर लेकर गोलियां चला रहे थे। इस पर बचाव पक्ष ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में तो डबल बैरल गन से गोली चलना बताया गया है। इस पर पीड़ित पक्ष के वकील तेजवीर अहलावत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि आम आदमी को रिवाॅल्वर व गन में अंतर पता नहीं होता।