हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के नेता, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गृह क्षेत्र में उनके ही करीबी पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा ने टिकट के लिए ताल ठोंक दी है। 13 सितंबर को पूर्व सीएम ने अपने पैतृक गांव सांघी से विधानसभा चुनाव 2019 के प्रचार की शुरुआत की और ठीक दो दिन बाद 15 सितंबर रविवार को कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने भी जनसभा कर गढ़ी- सांपला - किलोई विधासभा क्षेत्र से टिकट की मांग की है। यही नहीं उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा है कि यदि उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह कांग्रेस से हटकर भी चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि जनसभा में लिए गए फैसले के हिसाब से 12 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। तय हुआ है कि पूर्व सीएम तीन दिन में कमेटी से बात करने आएंगे और जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा।
झज्जर रोड स्थित भारती टेक कन्या विद्यालय में पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने जनसभा कर शक्ति प्रदर्शन किया है। इस दौरान मंच से कहा गया कि पूर्व सीएम बडे़ नेता हैं और उनके पुत्र दीपेंद्र हुड्डा लोकप्रिय सांसद हैं, वह कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन वह अपने क्षेत्र से ही चुनाव लडे़ंगे, क्योंकि उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए काम किया है। हालांकि टिकट से जुड़ा अंतिम फैसला विधान सभा क्षेत्र की 36 बिरादरी के फैसले पर छोड़ दिया गया। कार्यक्रम के बीच पूर्व मंत्री ने बताया कि उनके पास भूपेंद्र हुड्डा का संदेश आया है कि वह उन्हें एडजेस्ट कर लेंगे, लेकिन उनकी भाषा में अहंकार है। अब पूर्व सीएम को यदि बात करनी है तो वह स्वयं रोहतक आएं और जन समूह की ओर से बनाई 12 सदस्यों की कमेटी से बात करें। यह कमेटी जो भी निर्णय लेगी वह मान लेंगे। इस कमेटी में हवा सिंह पीटीआई, बलबीर चिड़ी, भगवान सिंह पाकसमा, सतबीर चंदोलिया, दिलबाग सिंह, आजाद सिंह घुसकानी, ओम प्रकाश नांदल बोहर, विजय मोरखेडी, धर्मा सिंह मकड़ौली, बसंत पंडित, श्रीकिशन, रणबीर सिंह को शामिल किया गया है।
1975 से राजनीति में सक्रिय हैं कृष्णमूर्ति हुड्डा
कृष्णमूर्ति हुड्डा सन 1975 से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और अधिकांश समय कांग्रेस में रहे हैं। वह 1991 से 1996 तक लेबर एंड एंप्लायमेंट मंत्री रहे। 2006 में 11 माह वह भारतीय जनता पार्टी के साथ जुडे़ रहे। इसके बाद वह 2008 में हजकां में पूर्व सीएम भजन लाल के साथ जुडे़ रहे। वह फिर 2009 में कांग्रेस में आए और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा से जुडे़। पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने बताया कि उन्हें पहले भी टिकट देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद उन्हें 2014 में टिकट देने की बात कहीं, लेकिन नहीं दी। अब 2019 में वह ऐसा नहीं होने देंगे। क्योंकि अब फिर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा टिकट देने में आनाकानी कर रहे हैं।