एएसजे कपिल राठी की अदालत ने बुधवार को 15 पुराने हत्या के मुकदमे में महम से इनेलो के पूर्व विधायक मोखरा निवासी बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान, सुनील, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुलड़ व मुकेश को दोषी करार दिया था। जबकि परमजीत, राजेंद्र, सतेंद्र, रवींद्र, सतीश, फूल कुमार, दिनेश व कुलदीप को बरी कर दिया गया। केस की सुनवाई के दौरान पांच अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।
बसाना के पूर्व सरपंच सीताराम राठी ने कलानौर थाने में दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया था कि वे 5 मई 2011 में कलानौर अनाज मंडी स्थित अपनी आढ़त की दुकान पर बैठे थे। तभी गौशाला कमेटी मोखरा से चार लोग चंदा मांगने आए। बोले, पूर्व विधायक बलबीर बाली ने कहा है कि सीताराम राठी से पांच लाख रुपये चंदा लेकर आना। जवाब में राठी ने कहा कि उसे पूर्व विधायक से उसे पांच लाख रुपये लेने हैं। इसमें से ढाई लाख गौशाला में जमा करवा देना और ढाई लाख मुझे दे जाना। कमेटी के एक सदस्य ने पूर्व विधायक बाली पहलवान को कॉल करके बुला लिया।
आरोप है कि पूर्व विधायक अपने साथियों के साथ आया और सीताराम राठी से मारपीट की। उस समय तो राठी मंडी से चले गए। आरोप है कि उसी दिन शाम करीब सात बजे 30 से 35 लोग आए और पूर्व सरपंच के साले निगाना गांव निवासी विष्णु को गोली मार दी। गंभीर हालत में विष्णु को पीजीआई ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 30 लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की।
15 साल चला अदालत में मुकदमा, सात आरोपी दोषी करार, आठ बरी, पांच की हो चुकी है मौत पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे एएसजे कपिल राठी की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। इसमें मोखरा गांव निवासी एवं महम के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान, सुनील, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुलड़ व मुकेश को दोषी करार दिया है। जबकि परमजीत, राजेंद्र, सतेंद्र, रवींद्र, सतीश, फूल कुमार, दिनेश व कुलदीप को बरी कर दिया गया। केस में पांच अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।
शिकायतकर्ता एवं पूर्व सरपंच सीताराम राठी का कहना है कि 15 साल से अदालत में लंबी लड़ाई लड़ी। केस सेशन कोर्ट से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। केस में आठ आरोपियों को बरी किया गया है। इससे वे संतुष्ट नहीं हैं। वीरवार को अदालत में सजा की मात्रा को लेकर निर्णय होगा। इसके बाद आगे कदम उठाया जाएगा।
बाली पहलवान 1996 में समता पार्टी व 2000 में इनेलो के टिकट पर महम से विधायक बने। 2009 में इनेलो के टिकट व 2024 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव हार गए।
2011 में हत्या की एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आसानी से पूर्व विधायक बाली पहलवान को गिरफ्तार नहीं कर सकी। लंबी जद्दोजहद के बाद बाली पहलवान ने समर्थकों की मौजूदगी में तत्कालीन आईजी वी.कामराजा के कार्यालय के सामने सरेंडर किया था।