16सीटीके08-एमडीयू में आयोजित बैठक में संबोधित करते कुलपति प्रो. राजबीर सिंह। स्रोत:एमडीयू
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में बुधवार को कुलपति कार्यालय में आयोजित सेंटर फॉर करिकुलम डिजाइन एंड डेवलपमेंट की एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अध्यक्षता की। एमडीयू में आगामी शैक्षणिक सत्र से यूजी व पीजी पाठ्यक्रमों (मेजर और माइनर के अलावा) में फाॅर्मेटिव एसेसमेंट लागू करने का निर्णय लिया गया।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि फॉर्मेटिव एसेसमेंट प्रणाली विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यार्थियों की समग्र क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी। सेंटर फॉर करिकुलम डिजाइन एंड डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. एके राजन ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। उन्होंने फार्मेटिव एसेसमेंट के उद्देश्य एवं लाभ बारे प्रकाश डालते हुए कहा कि फार्मेटिव एसेसमेंट एक निरंतर मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन, क्विज, समूह चर्चा, सेमिनार और फील्ड वर्क समेत अन्य गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। इस अवसर पर प्रो. एएस मान, डाॅ. कृष्णकांत, प्रो. गुलशन तनेजा, प्रो. एससी मलिक, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. बी. नरसिम्हन, प्रो. मुनीष गर्ग, प्रो. संदीप मलिक, प्रो. दिव्या मल्हान व डाॅ. संजीव कुमार मौजूद रहे।