प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ाने में नई उद्योग नीति कारगर साबित होगी।
दूसरे राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में भी विदेशी उद्योगपतियों को लुभाने के लिए सरकार हैपनिंग हरियाणा समिट की तैयारी कर रही है। अगले साल फरवरी में यह समिट होगी।
समिट में विदेशी व अन्य प्रदेशों के बड़े उद्यमियों को बुलाया जाएगा। जिससे हरियाणा में निवेश बढ़ा सकें और यहां के युवाओं को रोजगार मिले।
प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अमर उजाला से खास बातचीत में यह बात कही।
आईटी के सहारे भ्रष्टाचार पर वार
वित्त मंत्री की मानें तो हरियाणा आने वाले वर्षों में आईटी क्षेत्र में अन्य राज्यों से आगे निकल जाएगा। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम के सहारे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
आधार कार्ड और बैंकों में बुढ़ापा पेंशन इसका बड़ा उदाहरण हैं। सी-फार्म ऑनलाइन होने के बाद से छह माह में 2 लाख व्यापारियों ने इसका फायदा उठाया है। सीएलयू के नाम पर मची लूट को बंद करवाया है।
एक साल का कामकाज
कैप्टन अभिमन्यु का मानना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल में बहुत कुछ सुधारा है आने वाले चार साल में एक भी चुनावी वादा अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।
पिछली सरकार से जितनी समस्याएं हमको विरासत में मिली थी, उनको दूर करने के साथ ही काफी कुछ सुधारा गया है।
सुनपेड़ में सरकार नहीं, पुलिस हुई फेल
सुनपेड़ में दलित परिवार के दो बच्चों की जलाकर हत्या करने के मामले में प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु कहते हैं कि घटना पर विपक्ष राजनीतिक रोटियां सेक रहा है। उस परिवार से हमदर्दी दिखाकर बच्चों का अंतिम संस्कार कराने कोई नेता नहीं पहुंचा, बल्कि वहां राजनीति करने सभी पहुंच गये। इस पूरे मामले में सरकार किसी भी तरह से फेल नहीं है, बल्कि पुलिस जरूर फेल दिखाई दी है। सरकार ने वहां अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई है और पीड़ित परिवार को मदद के साथ ही तुरंत कार्रवाई कराई गई है। स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई की गई है और पीड़ित को हर हालत में न्याय दिलाया जाएगा।
शाह की क्लास से इनकार
सीएम मनोहर लाल के बीफ पर आए बयान के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की क्लास के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि शाह ने सीएम की क्लास लगाई हो। पार्टी अध्यक्ष समय-समय पर पार्टी नेताओं को मिलने बुलाते रहते हैं।
धान की कीमतों के लिए विदेशी हालात जिम्मेदार
धान किसानों की खस्ताहाल पर मंत्री ने कहा कि गल्फ देशों में धान का निर्यात कम होने के कारण धान की कीमतों में गिरावट आई है। विदेशों में हालात सुधरने पर धान का निर्यात और कीमत बढ़ेगी।