रोहतक। पीजीआईएमएस में वीरवार को पीजी छात्रों के रिसर्च प्रोजेक्ट को लेकर मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) की आठ सदस्यीय कमेटी ने सात घंटे चर्चा की। 27 प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए पेश किए गए। इनमें से दो आवेदक नहीं पहुंचे व दो रिसर्च प्रोजेक्ट आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। अधिकतर रिसर्च प्रोजेक्ट को सुधार के बाद मंजूरी के लिए आवेदन करने को कहा गया है।
इस दौरान कमेटी चेयरमैन आरएमएल अस्पताल दिल्ली के डॉ. विजय कुमार ने कहा कि पहली बार एमआरयू में रिसर्च के लिए 27 प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान पेश किए गए सारे रिसर्च प्रोजेक्ट पर समान रूप से चर्चा कर मंजूरी देने का प्रयास किया गया है।
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पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष व एमआरयू के नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कुछ रिसर्च प्रोजेक्ट को बिना सुधार के मंजूर कर लिया है। इनकी संख्या लगभग चार ही है। कुछ प्रोजेक्ट में सुधार करने के बाद सबमिट करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च की तरफ से रिसर्च के लिए हर साल 20 लाख की फंडिंग की जाती है। रिसर्च के बढ़ते कार्यों को देखते हुए संस्थान की तरफ से फंडिंग को बढ़ाने की अपील की गई है। इस बार पहले से तीन गुना अधिक प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए आए हैं। पहले औसतन आठ से दस प्रोजेक्ट ही रिसर्च के लिए आते रहे हैं।