रोहतक। श्री राधा नाम संग कीर्तन मंडल की ओर से डीएलएफ काॅलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण यज्ञ के तहत शनिवार को कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज ने पंच अध्यायी का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अपने पांच ज्ञानेंद्रियों व पांच कर्मेंद्रियाें पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। साधक के लिए साधना करते हुए परम तत्व श्रीकृष्ण को पाना जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
भगवान श्रीकृष्ण वृंदावन से मथुरा पहुंचे। कंस का वध किया। वसुदेव देवकी को कारावास से मुक्त किया। अग्रसेन को राजगद्दी सौंपी। भगवान ने जरासंध को पराजित किया। भगवान श्रीकृष्ण गुजरात ने द्वारिका का निर्माण करवाया और वहां निवास करने लगे।
द्वारका भारत की सप्त पुरियों में है, और चार धामों में एक द्वारिका भी है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विवाह रुक्मिणी के साथ हुआ और देर शाम तक श्रद्धालु महोत्सव में झूमते रहे। मंडल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर सबके भले के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
29...डीएलएफ काॅलोनी में श्रीमद्भागवत महापुराण यज्ञ कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु । स्रोत : श- फोटो : रविंद्र सिंह