संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक । सुभाष नगर की रहने वाली सुमित्रा मुदगिल के आंगन में बनाई गई बगिया हरी-भरी रहती है। इसमें हर मौसम में फूल खिलते हैं। अब से 16 साल पहले बनाई बगिया में 130 से अधिक पौधे हैं। जिनमें फूल वाले, औषधीय और सजावटी पौधे रोजाना ताजगी का अहसास करवाते हैं।
गृहिणी सुमित्रा बताती हैं कि वे वृक्षों का महत्व बखूबी जानती हैं। 2015 में उन्होंने नए घर के आंगन में बगिया लगाई थी। जिसकी शुरुआत पांच पौधों से की थी। अब इनकी संख्या 130 से अधिक हो चुकी है।
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तुलसी का पौधा है यादगार
पीएचडी पास सुमित्रा का कहना है कि करीब 10 साल पहले आंगन में तुलसी का पौधा लगाया था। तभी से वह फल-फूल रहा है। अधिक गर्मी व सर्दी में उसकी विशेष देखभाल करनी पड़ती है। वह परिवार के लिए यादगार पौधा है।
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बगिया में इन प्रजातियों के पौधे
घर के बाहर से आंगन और छत तक अनेक पौधे लहलहा रहे हैं। उनकी बगिया में गेंदा, गुलाब, चमेली, गुड़हल, सदाबहार, सॉन्ग ऑफ इंडिया, इक्सोरा, पाम, कढ़ी पत्ता, मनी प्लांट, इंसुलिन, इलायची, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, जेड प्लांट, मधु कामिनी, बेलपत्र, अशोक, अश्वगंधा, पत्थर चट्टा, एलोवेरा, डंबकेन, एग्लोनिमा, चाइनीज संतरा, सफेद आक, पालक, पुदीना, पर्दा बेल के अलावा और भी बहुत सारे पौधे हैं।
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गोबर की खाद का प्रयोग
पौधों में वे गोबर की खाद का इस्तेमाल करती हैं। घर के बाहर भी उन्होंने बगीचा बनाया हुआ है। गर्मी में धूप से बचने के लिए पौधों में अब दो बार पानी देती हैं। भीषण गर्मी में पौधों की ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। उनका मानना है कि पौधे बच्चों की तरह होते हैं। हम उनकी ज्यादा देखभाल करते हैं तो प्रकृति के करीब रहने का अवसर मिलता है।