संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। उद्यमियों को लगातार बिजली बिलों पर फिक्स्ड चार्ज की अतिरिक्त मार झेलनी पड़ रही है। इसे खत्म करना चाहिए। किसानों को उभारने के लिए सरकार सब्सिडी व बीमा सुविधा को सुदृढ़ करे ताकि वास्तविक लाभपात्र को लाभ मिल सके। ये बातें आईएमटी स्थित अमर उजाला कार्यालय में रविवार को उद्यमियों व किसानों ने संवाद कार्यक्रम में कही।
प्रदेशस्तरीय बजट से उम्मीदों को लेकर उद्यमियों व किसानों ने चर्चा की। आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जोगिंद्र नांदल ने कहा कि मार्च-2025 में 349 प्रति किलोवाट लोड पर करीब 151 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड चार्ज से बिल पर 53,009 रुपये फिक्सड चार्ज आया।
अब 295 रुपये प्रति किलोवाट के अनुसार फिक्स्ड चार्ज बढ़ाए जाने से फिक्सड चार्ज 1,03,150 लाख रुपये आ रहा है। उद्योगों की बढ़ोतरी के लिए इसे हटाना चाहिए।
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किसानों को खाद-बीज समय पर नहीं मिलता है। जमीन का मुआवजा लंबे समय तक अटका रहता हैै। इसके लिए विशेष कदम उठाए जाएं।
-अशोक कुमार, किसान, सांपला।
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पराली जलाने पर रोक लगाई गई है। अगर प्रबंधन के लिए किसान ट्रैक्टर पर पराली लादकर ले जाता है तो अधिक रकम का चालान करते हैं, यह ठीक नहीं।
-विजय कुमार, किसान।
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उद्योगों को लंबा चलाने के लिए स्किल डवलपमेंट सेंटर स्थापित करने चाहिए। स्किल बेस्ड लेबर के लिए एंटरप्रेन्योरशिप शुरू करना चाहिए। कंटेनर कार्गो डिपो स्थापित किए जाएं।
-महेश महावर, उद्यमी।
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जिस इंडस्ट्री को लोन व सब्सिडी की जरूरत है, उसी को मिलनी चाहिए। सरकार उद्यमियों से अपना उद्योग चलाने के लिए व्यापार नहीं बल्कि मदद करने पर जोर दें।
-वीरेंद्र ढुल अग्निमित्र, उद्यमी।
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प्रत्येक वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी दी जाए। खाद के वजन में न कटौती हो न मूल्य में वृद्धि की जाए। सेवानिवृत्तों की पेंशन वृद्धि की जाए।
-वेदपाल हुड्डा, प्रदेश किसान नेता व सेवानिवृत्त अधिकारी।
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आयुष्मान कार्ड का सीधे जरूरतमंद को लाभ दिया जाए। यूरिया व डीएपी पर अतिरिक्त खर्च के साथ दिए जा रहे प्रोडक्ट पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।
-वेदपाल, किसान, गांव नौनंद।
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2016 से अब तक के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मुआवजा राशि जारी करवानी चाहिए। खेतों में स्मार्ट मीटर बंद हो, नहरी पानी शुरू हो व बुढ़ापा पेंशन सुचारू हो।
-सुनील, जिला प्रधान, किसान सभा।
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किसानों को खाद-बीज मांग के अनुसार समय पर दिया जाए। खेतों में रात को बिजली देने के बजाय दिन में दी जाए ताकि हादसों की संभावनाओं रोका जा सके।
-बलजीत सिंह, किसान, सांपला।
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सब्सिडी का प्रावधान है लेकिन सभी पात्र उम्मीदवारों को मिलना चाहिए। मशरूम की खेती करता हूं लेकिन सब्सिडी की सुविधा केवल एक वर्ग को मिल रही।
-सुधीर कुमार, किसान, रैनकपुरा।
किसान क्रेडिट कार्डों पर ऋण ब्याज मुक्त होना चाहिए। किसान परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए छूट देनी चाहिए। किसान पोर्टलों को सुधारा जाए।
-अशोक बल्हारा, किसान।