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पांच युवकों ने खिलौना पिस्तौल से 5 करोड़ वसूलने को बनाई थी अपहरण की योजना

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Five youths planned to kidnap 5 crore from toy pistol
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रोहतक। कलानौर थाना क्षेत्र के कस्बा कहानौर से किराना व्यापारी के इकलौते चार साल के बेटे के अपहरण के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। चार आरोपी गांव के ही हैं एक मढौड़ी गांव का है। पांचों लॉकडाउन के बाद से बेरोजगार थे, तीन महीने से व्यापारी के बेटे का अपहरण कर पांच करोड़ रुपया वसूलने की योजना बना रहे थे। अपहरण करने के लिए खिलौना पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बच्चे को उठाकर ले जाते वक्त मां-बाप जाग उठते तो उनको भी जान से मार देने की योजना थी।
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पुलिस के अनुसार कहानौर कस्बे के किराना व्यापारी शंकर लाल चचड़ा के 4 साल के इकलौते बेटे दिव्यांश का बुधवार की रात घर से सोते वक्त अपहरण हो गया था। विरोध में ग्रामीणों ने चक्काजाम भी किया था। पुलिस ने रात ढाई बजे हुए अपहरण की सूचना मिलते ही सघन नाकेबंदी कर दी थी। एक ग्रामीण को पिस्तौल दिखाकर उसका मोबाइल फोन छीनकर बच्चे के पिता से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। इसी में आरोपी घिर गए और पुलिस के साइबर सेल के नेटवर्क में फंसकर गिरफ्त में आ गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पांच आरोपियों में चार कहानौर के 20 से 25 साल के युवक हैं, एक माढौड़ी गांव का रहने वाला है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के बाद बेरोजगारी दूर करने को तीन महीने से शंकरलाल के पुत्र को अपहृत करने की योजना बनाकर वे रातों रात करोड़पति बनना चाह रहे थे। वारदात में जो पिस्तौल इस्तेमाल की गई थी, वह खिलौना पिस्तौल जैसी है। हालांकि मामले में गठित एसआईटी प्रभारी नरेंद्र कादियान का कहना है कि रिमांड के दौरान पिस्तौल बरामदगी के बाद ही पूरा खुलासा हो सकेगा।
दो अपहरणकर्ता बच्चे को लिए बैठे रहे, दो चक्काजाम में शामिल, एक गांव का माहौल भांपता रहा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गांव के शातिर दिमाग युवकों ने ऐसी योजना बनाई थी, ताकि पुलिस को भनक तक न लगे। रात ढाई बजे अपहरण करके ले जाने के बाद गांव से दूर जंगल में एक कोठरे में दो बच्चे को लिए बैठे रहे। दो ग्रामीणों ने जहां चक्काजाम किया वहां मौजूद रहे। एक गांव का माहौल साथियों को बताता रहा। बच्चे के पास बैठने वाले युवक आपस में शिफ्ट बदल लेते थे।
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सीसीटीवी में आई बाइक के नंबर से हुई पहचान
सीआईए-1 स्टाफ में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उप पुलिस अधीक्षक सांपला नरेंद्र कादयान व उप पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शंकरलाल के घर में रात को घर की छत के रास्ते से आरोपी दाखिल हुए। फिर उन्होंने बच्चे का अपहरण किया और वहां से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी खंगाले। सीसीटीवी में कैद प्लेटिना बाइक की पहचान होने के बाद उसके नंबर के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया। इस मामले में जांच की गई तो पता चला कि गांव में दो ही बाइक है। उस आधार पर छानबीन के बाद सफलता मिली। इसके बाद पुलिस ने पूरे कलानौर में करीब 18 नाके लगाकर सील कर दिया। विभिन्न पहलुओं पर काम करते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली।
दो आरोपियों की कराई जाएगी शनाख्त परेड, तीन चार दिन के रिमांड पर
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं, दो आरोपियों की शनाख्त परेड की जानी है, जिसके लिए आरोपियों को शिनाख्त परेड होने तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। शिनाख्त परेड के उपरांत आरोपियों को पुलिस रिमांड पर हासिल किया जाएगा। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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काम आई पुलिस की नाकेबंदी, दबाव में छोड़ दिया बच्चा
साढे़ 3 बजे पुलिस को अपहरण की सूचना मिली तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मामले में संज्ञान लेते हुए डीएसपी नरेंद्र कादयान, डीएसपी विनोद कुमार के नेतृत्व में प्रभारी सीआईए-1 निरीक्षक प्रवीन कुमार, प्रभारी थाना कलानौर एसआई सत्यवान, प्रभारी पुलिस चौकी काहनौर व प्रभारी साइबर सेल प्रवीन कुमार की संयुक्त टीम का गठन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस की अलग-2 टीमों द्वारा काहनौर व आस-पास के एरिया में नाकाबंदी की गई व कांबिंग की। अज्ञात नंबर से शंकरलाल को फोन करके 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांगी गई। शाम करीब साढ़े 4 बजे निगाना रोड से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया गया।
अगर पहले कर लिया होता फोन अपहरणकर्ता को पैसे दे देता पिता
पुलिस को जांच के दौरान इस बात की भी पता चला कि शंकर लाल अपहरण करने वालों के फोन का इंतजार कर रहा था। अगर उसे समय पर फोन आया होता तो वह पैसे देकर अपने बेटे को छुड़ा लेता। लेकिन जब तक उनका फोन आया तब तक पुलिस अपना जाल बिछा चुकी थी।
10 साल से आजीवन कारावास तक की सजा
पुलिस ने पांच आरोपियों को जिस आरोप में गिरफ्तार किया है। इनको जिस धारा में गिरफ्तार किया गया है। उसमें दस साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। ऐसे में आरोपियों को सजा दिलाना और अदालत में उनके खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करना पुलिस का पहला काम है।
शुक्रवार को दिन भर गांव में रही हलचल
शुक्रवार को पुलिस ने काहनौर गांव को सील कर रखा था। एक -एक घर से युवाओं की तलाश की जा रही थी। सबके रिकार्ड लिये जा रहे थे। तीन बार गांव में पुलिस टीम गई थी। लगभग 20 लोगों को उठाया गया था।
पुलिस टीम को मिलेगा ईनाम
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने बेहतर काम किया है। मामले का खुलासा करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। वह इसके लिए अधिकारियों को भी पत्र लिखेंगे।
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