23 सीटीके 33
विस्थापितों का दुकान आंवटन केस : 36 दुकानदारों के लिए श्रेणीवार डाली जाएंगी पर्ची, ड्राॅ की प्रक्रिया तय
ज्वाइंट कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई विशेष कमेटी की बैठक, निगम, राजस्व विभाग और तहसीलदार भी रहे शामिल
- 29 नवंबर को सुबह 11 बजे जिला विकास भवन में निकाला जाएगा ड्राॅ, बच्चे या बुजुर्ग से निकलवाई जाएगी पर्ची
- पैसे जमा कराने पर निगम देगा रजिस्ट्री करवाकर दुकानदार को कब्जा
- पांच साल से रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को दुकानों का है इंतजार
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एलिवेटेड रोड के विस्थापितों को ड्राॅ के माध्यम से पांच साल बाद 29 नवंबर को दुकानें मिलेंगी। 36 दुकानों के लिए ड्राॅ श्रेणीवार बाॅक्स में पर्ची डालकर किया जाएगा। वीरवार को संयुक्त आयुक्त विजय सिंह की अध्यक्षता में हुई नगर निगम, डीआरओ, तहसीलदार और पार्षदों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। ड्राॅ सुबह 11 बजे जिला विकास भवन में निकाला जाएगा।
रोहतक-पानीपत वाया गोहाना रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। इसके चलते अक्सर बजरंग भवन और शीला बाईपास के नजदीक फाटक बंद होने से सिविल रोड और बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति रहती थी। 2017 में रेलवे ने प्रदेश सरकार के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से लेकर राजीव गांधी स्टेडियम तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया था। इसके लिए गांधी कैंप के 37 से ज्यादा लोगों की दुकानें और मकान तोड़े गए थे। सरकार ने पावर हाउस चौक के नजदीक 112 दुकानें बनाकर दी हैं। प्राथमिकता के आधार पर 37 दुकानदारों को दुकानें आवंटित की जा रही हैं, लेकिन एक दुकानदार अपनी मिलकियत के कागजात पेश नहीं कर सका।
एक घंटा चला बैठक, एटीपी नहीं पहुंच सके
वीरवार शाम 4 बजे निगम कार्यालय में बैठक शुरू हुई, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त आयुक्त विजय सिंह ने की। तहसीलदार मनोज अहलावत, डीआरओ कार्यालय से अनिल कुमार, एलओ संदीप बतरा, पार्षद पति अशोक खुराना, पार्षद राधेश्याम ढल, एडवोकेट राकेश सपड़ा, एडीए संदीप व अन्य अधिकारी भी शामिल रहे, लेकिन एटीपी तिलक कुमार बैठक में नहीं आ सके। तय हुआ कि दुकानों की वैसे तो आठ श्रेणी हैं, लेकिन पहली चार श्रेणी में ही 36 दुकानें आवंटित हो जाएंगी।
राशि जमा कराने के साथ होगी रजिस्ट्री, शर्तें ड्राॅ के साथ तय होंगी
बैठक में निर्णय लिया गया कि ड्राॅ के साथ-साथ दुकानों का कब्जा देने की प्रक्रिया व शर्त तय होंगी। सरकार की हिदायत और नियमों के तहत रजिस्ट्री फीस देनी होगी। दुकानदारों को एकमुश्त राशि जमा करानी होगी। ड्राॅ के बाद तय होगा कि रजिस्ट्री से पहले अलॉटमेंट लेटर दिया जाए या नहीं।
यह है दुकानों का रेट और श्रेणी
फ्लोर संख्या नंबर क्षेत्र वर्ग गज रेट (लाख प्रति गज) लागत लाख रुपये में
1.भूतल-फ्रंट 5 42 से 46 18 2,79, 890 50, 38, 2002
2. भूतल 19 17 से 25, 47 से 56 18 2,40,000 43, 20, 000
3. भूतल-फ्रंट 14 1 से 7, 35 से 41 12 2,79,890 33, 58, 200
4. भूतल 12 8 से 12, 16, 26, 30 से 34 12 2,40,000 28,80,000
5. भूतल 04 14,15, 27,28 12 2,40,000 28,80,000
6. भूतल 02 13 व 29 7.83 2,40,000 18,59,20
7. प्रथम तल 54 1 से 12, 14 से 28, 30 से 56 12 1,90,000 34,20,000
8. प्रथम तल 02 13 व 29 7.38 1,90,000 14, 87,700
कुल दुकानें 112
नोट : नगर निगम पहले चरण में केवल 36 दुकानदारों के लिए ड्राॅ निकालेगा। एक दुकानदार के कागजात पूरे नहीं हो सके हैं। ड्राॅ में किसी भी दुकानदार को कोई भी दुकान मिल सकती है।
वर्जन
29 नवंबर को 36 दुकानों के लिए ड्राॅ निकाला जाएगा। इसके लिए ड्राॅ की प्रक्रिया तय हो गई है। दो बॉक्स रखे जाएंगे। एक बॉक्स में दुकानों की संख्या नंबर और दूसरे में दुकानदारों के नाम होंगे। किसी बच्चे या बुजुर्ग का अचानक चयन कर पर्ची निकाली जाएंगी। उनका मिलान कर श्रेणीवार आवंटन तय हो जाएगा।
- विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम।