फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: गैंगवार हत्याकांड में एसटीएफ समेत पांच टीमें जुटीं, 10 से अधिक लोग हिरासत में

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

रोहतक। गैंगस्टर बाबा के चाचा अनिल की हत्या में थाना पुलिस और सीआईए टीमों के साथ-साथ अब एसटीएफ ने भी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पांच टीमों के 35 अधिकारी-कर्मचारी हत्यारोपियों की तलाश में जुटे हैं। इनमें यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड में भी टीमें दबिश दे रही हैं, जबकि 10 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनिल को आठ गोली मारने की पुष्टि हुई है। इनमें हथियार भी अलग-अलग थे।

रविवार सुबह रिटौली गांव में बदला लेने के लिए की गई अनिल की हत्या के बाद से गांव में तनाव है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने पुलिस बल तैनात कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के बाद पुलिस और सतर्क हो गई है।
विज्ञापन

वहीं, शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस के अलावा तीन सीआईए टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। सोमवार को एसटीएफ भी गैंगस्टरों की गिरफ्तारी के लिए जुट गई हैं।

अलग-अलग हथियारों की निकली अनिल के शरीर से गोली
अनिल को गोलियों से छलनी करने वाले हत्यारोपियों ने अलग-अलग हथियारों का प्रयोग किया है। इनमें कुछ गोली .32 बोर के पिस्तौल की थीं तो कुछ गोलियां 9 एमएम की बताई गई हैं। इससे साफ है कि तीनों बदमाशों ने अपने-अपने हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर अनिल को छलनी कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि हत्या करने के लिए आए युवक नई उम्र के दिखाई दे रहे हैं।


37 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
हत्या के बाद बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस ने 37 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। इनमें एक-दो स्थानों पर हत्यारोपियों के चेहरे दिखाई दिए हैं, जिससे लगभग पुलिस ने एक-दो बदमाशों को चिह्नित कर लिया है और अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हत्यारोपी काबू कर लिए जाएंगे।
-
रेकी करके की गई थी हत्या
बागपत के एक अकाउंट से सोशल मीडिया पर हिमांशु उर्फ भाऊ नाम पर डाली गई पोस्ट और इसके एक दिन बाद अनिल की हत्या की वारदात कुछ कहानी बयां कर रही है। चूंकि, हत्या की साजिश पहले ही रच ली गई थी। इसके अलावा, रेकी करके वारदात को अंजाम दिया गया था। अनिल रोज सुबह ही घर से खेत पर जाते थे। अंदेशा है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने अनिल की रेकी करके बदमाशों को सूचना देने की आशंका। इसके बाद ही आरोपियों ने अनिल को गोलियों से छलनी किया था।

मेरे भाई का नहीं था रोहित उर्फ बजरंग की हत्या में हाथ : सुनील
रोहतक। रिटौली निवासी अनिल के भाई सुनील ने अमर उजाला को बताया कि उनके भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या में शामिल नहीं थे। हत्या का जिन लोगों पर आरोप है, वे उनकी बाइक को खेत से मांग कर लेकर गए थे। उन्हें तो यह भी पता नहीं था कि बाइक को कहां लेकर गए हैं। बस यह कहकर ले गए थे कि शराब ठेके तक जा रहे हैं और वहां से बोतल लेकर आनी है।
विज्ञापन

उन्होंने यह बात बजरंग के परिवार वालों को भी बताई थी। दो साल पहले उनके भाई अनिल जमानत पर आए थे। घटना से पहले भी खेती करते थे और बाद में भी खेती में ही ध्यान लगा रखा था। उनका किसी से द्वेष नहीं था। बस उनका इतना कसूर था कि बिना पूछे बाइक उधार दे दी थी। इसके अलावा, उनको कुछ नहीं पता था। यदि ऐसी जानकारी होती तो वह बाइक भी नहीं देते।
-

अनिल की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए 5 टीमें जुटी हैं। जल्द ही हत्यारोपियों को काबू करके वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
- वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी रोहतक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें