फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: एक हजार में से पांच लोगों में मिर्गी की बीमारी, जिले में 6 हजार मरीज

Sun, 17 Nov 2024 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। जिले में लगभग 6 हजार लोग मिर्गी की बीमारी से पीड़ित हैं। यह बीमारी एक हजार पर लगभग पांच लोगों में देखने को मिल रही है। मिर्गी का इलाज समय रहते किया जाए तो मरीज को ठीक किया जा सकता है, लेकिन कई बार लोग अंधविश्वास के कारण डाॅक्टर के पास न जाकर झाड़ा लगवाने के लिए बाबाओं के पास जाते हैं।
विज्ञापन

इस कारण समय पर सही इलाज नहीं मिल पाने के कारण मिर्गी के दौरे बार-बार आने लगते हैं और बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। इसका प्रभाव लोगों की आम जिंदगी पर पड़ता है। अगर मरीज को सही समय पर मिर्गी का इलाज दिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है।
यह शरीर में करंट के झटके महसूस होना, मस्तिष्क में गहरी चोट लगने, ब्रेन ट्यूमर और मानसिक सदमे से भी हो सकता है। मिर्गी में रोगी को बार बार दौरे पड़ने लगते हैं। दौरे के समय मरीज का दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है और वो लड़खड़ा कर गिर जाता है। बेहोश हो जाता है और करीब चार-पांच मिनट तक बेहोश रहता है। इसमें शरीर अकड़ जाता है। इसका इलाज संभव है। समय रहते अगर इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज ठीक हो सकता है। मिर्गी मस्तिष्क संबंधित समस्या है।
विज्ञापन


हर माह पहुंच रहे 15 से 20 लोग
जिला नागरिक अस्पताल में हर महीने लगभग 15 से 20 मिर्गी का इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टर इस बीमारी से बचाव के लिए न सिर्फ इलाज कर रहे हैं, बल्कि काउंसिलिंग कर उनको जागरूक भी कर रहे हैं। मरीज को झटके आने पर उसे जूता, मोजा सुंघाने से बचना चाहिए।


झटके आने की समस्या हल्के में न लें
किसी भी इंसान को अगर पूरे शरीर में या फिर शरीर के किसी एक हिस्से में झटके आते हैं तो इसको हल्के में न लें। क्योंकि बार-बार झटका आने से बीमारी गंभीर हो सकती है। झटके आने के बाद बेहोश हो जाना, मुंह से झाग आने लगना ये मिर्गी के लक्षण हैं। लोग नीम हकीमों और अंधविश्वास को छोड़ अस्पताल मिर्गी का इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। मिर्गी के लक्षण पाए जाने के बाद इसका तुरंत इलाज शुरू करा देना चाहिए। बार-बार झटके आने से बीमारी गंभीर हो जाएगी।

मिर्गी का दौरा पांच मिनट से ज्यादा हो तो मरीज को ले जाएं अस्पताल
चिकित्सकों के मुताबिक 90 फीसदी दौरे दो मिनट के होते हैं। दौरा पांच मिनट से ज्यादा का है तो नाक के जरिये दवा दी जाती है। मुंह के जरिए कुछ भी नहीं देना चाहिए। पांच मिनट से ज्यादा के दौरे की स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए। मिर्गी का रोगी महज आधे घंटे में ठीक हो जाता है।


मिर्गी का दौरा आने पर क्या करें
मिर्गी आने पर मरीज को जमीन पर या समतल स्थान पर करवट से लिटा दें या उसकी गर्दन एक ओर मोड़ दें, ताकि मुंह में जमा लार और झाग बाहर निकल जाएं।

मिर्गी का इलाज
किसी भी व्यक्ति को मिर्गी होने के बाद इमरेजेंसी स्थिति में मरीज को इंजेक्शन दिया जाता है। बाद में दवाईयों से इसका इलाज किया जाता है। इसमें मरीज का तीन साल तक इलाज चलाया जाता है।


वर्जन
मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति को इलाज के माध्यम से ठीक किया जा सकता है और साधारण जीवनयापन कर सकता है। लोगों को साथ नौकरी करने वाले मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति को घृणा की नजरों से नहीं देखना चाहिए।
विज्ञापन

डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें