रोहतक। दादा लखमीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) सिने फाउंडेशन के सहयोग से 19 से 23 अगस्त तक पांच दिवसीय फिल्म कार्यशाला आयोजित कर रहा है। वास्तुकला संकाय में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम, राज्य के महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं के मार्गदर्शन के लिए भारतीय फिल्म उद्योग के कुछ बेहतरीन नामों को एक साथ लाएगा। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को सिनेमा के हर पहलू से परिचित कराने के लिए डिजाइन की गई है।
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से, डीएलसी सुपवा राज्य में सिने प्रेमियों के लिए उद्योग विशेषज्ञों को लाकर सिनेमा सीखने के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में हमारे विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों को तैयार करके एक विशिष्ट स्थान बनाया है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ख्याति प्राप्त की है। यह कार्यशाला उस परंपरा को और मजबूत करेगी और ऐसे कहानीकारों को पोषित करेगी जो भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें।
कार्यशाला के संकाय सदस्यों में अभिनेता पवन मल्होत्रा, केरल फाइल्स से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुदीप्तो सेन, निर्देशक-लेखक अतुल गंगवार और दिल्ली विश्वविद्यालय की संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनूप लाठर शामिल हैं।
रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में सिनेमा और प्रदर्शन कलाओं के प्रति असाधारण रुचि बढ़ी है। यह कार्यशाला दिग्गजों से सीधे सीखने का अवसर, सौंदर्यशास्त्र को समझने, फिल्म निर्माण की कठोरता व अनुशासन को समझने का मंच प्रदान करती है।
इस तरह की पहल युवा प्रतिभाओं के लिए जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है। इससे इस क्षेत्र में पेशेवर के रूप में कदम रखने के लिए कौशल और आत्मविश्वास दोनों मिलता है।