जींद। जिले में एक सप्ताह के दौरान बाल विवाह के पांच मामले सामने आए हैं। जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी और नागरिक संगठन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की सतर्कता से तीन विवाह रुकवाए गए, जबकि दो मामलों में शादी हो चुकी थी।
शुक्रवार को छातर गांव में टीम ने फेरे होने से पहले विवाह रुकवा दिया। जांच में दुल्हन की उम्र 18 वर्ष पांच दिन और दूल्हे की 19 वर्ष मिली। कानून के अनुसार दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। इससे पहले करसिंधु गांव में दो विवाह रुकवाए गए थे। जींद और चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों में उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है।