रोहतक। कोरोना के चलते मजदूरों के पलायन की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) को 15 मई को पत्र जारी कर मजदूरों के लिए गंतव्य तक यातायात सुविधा मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया है। इसके बाद आरटीए ने रोडवेज को बसें और स्टाफ रिजर्व करने के लिए कहा है। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। रोडवेज का दावा है कि मजदूरों के लिए पांच बसों को रिजर्व किया गया है। बसों में गाइडलाइन के तहत सिर्फ 26 यात्री ही सवार हो सकेंगे। इस दौरान यदि 26 लोग एक साथ एक ही स्थान पर जाने के लिए आते हैं तो एक बस को तुरंत रवाना किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते मजदूर अपने घरों के लिए जाने लगे हैं। चुनिंदा ट्रेनों का संचालन होने की वजह से उन्हें कोई साधन नहीं मिल रहा है। इसके चलते जिला प्रशासन के निर्देश पर आरटीए और रोडवेज ने मजदूरों को सामाजिक दूरी बनाकर गंतव्य तक पहुंचाने का फैसला लिया गया है। आरटीए सचिव लायक राम ने बताया कि रोडवेज से मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए बसों को रिजर्व रखने के लिए कहा गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर बसें उपलब्ध कराई जा सकें। वहीं, रोडवेज के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आरटीए का पत्र आने के बाद पांच बसों को मय चालक-कंडक्टर रिजर्व कर लिया गया है। बसों के अंदर गाइडलाइन के तहत 50 फीसदी यानी 26 लोग ही बैठ सकेंगे।
रोहतक डिपो के यातायात प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि मजदूरों की सुविधा के लिए पांच बसें रिजर्व की गईं हैं। मांग के अनुसार बसों को रवाना किया जाएगा। मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत भेजा जाएगा। इस दौरान एक बस में सिर्फ 26 सवारी ही बैठेंगी। यदि एक ही स्थान की 26 सवारी आती हैं, तो बस चलाई जाएगी।