बहादुरगढ़। शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थित तीन फैक्ट्रियों में आग लगने से भारी नुकसान हो गया। कड़ी मशक्कत के बावजूद शुक्रवार देर रात तक भी फायर ब्रिगेड आग नहीं बुझा पाई। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
टीकरी बॉर्डर से सटे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट-1624 में एक प्लास्टिक की फैक्टरी चलती है। इसके साथ 1625 और 1626 में गत्ते के डिब्बे बनाने की फैक्ट्रियां हैं। शाम करीब सवा सात बजे इन फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य बंद था कि प्लास्टिक की वस्तुएं बनाने वाली फैक्टरी में आग लग गई। फैक्टरी के चौकीदार की नजर पड़ी तो उसने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित कर मदद मांगी। साथ फैक्टरी मालिक को भी फोन किया। कुछ देर बाद दमकल गाड़ियां पहुंचनी शुरू हो गई।
आसपास से आए लोगों ने भी बचाव कार्य शुरू किया। तैयार व कच्चे माल को आग से दूर हटाने की कोशिश की गई। लेकिन शीघ्र ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग विकराल रूप लेती गई। बेकाबू हुई आग ने साथ वाली गत्ता फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया। गत्ता और कागज होने की वजह से यहां भी आग फैलती गई और तीसरी फैक्टरी में पहुंच गई। देर रात तक बहादुरगढ़ की सभी दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी रही, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव हरी शंकर बाहेती ने बताया कि तीनों फैक्ट्रियों में भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र को दो भागों में बांटने वाले नेशनल हाईवे-9 पर आंदोलनकारी किसान पड़ाव डाले बैठे हैं। इस वजह से दमकल गाड़ियों को घटना स्थल पहुंचने में अधिक समय लगा। हालांकि दोनों स्टेशनों से फायर ब्रिगेड की सभी गाड़ियां सूचना मिलते ही घटना स्थल के लिए निकल पड़ी थी। अनुमान लगाया गया है आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होना रहा होगा।