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ओमैक्स सिटी इंचार्ज पर एफआईआर दर्ज

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ओमैक्स सिटी में पीने अयोग्य पानी की सप्लाई की बुधवार की सिविल सर्जन ने आईएमटी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। इस मामले में ओमैक्स सिटी इंचार्ज को नामजद किया गया है। मामले की गंभीरता को देख पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ओमैक्स सिटी में शहर के अभिजात वर्ग के लोगों ने लाखों रुपये कीमत के फ्लैट्स अथवा मकान खरीदे हैं।
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ओमैक्स कंपनी ने घर खरीदते समय शुद्ध पेयजल, सीवर सुविधा, पार्क, क्लब, सुरक्षा व्यवस्था, अच्छी सड़क, साफ-सफाई और समुचित प्रकाश व्यवस्था का वायदा किया। सुख-सुविधाओं को देखते हुए लोगों ने ओमैक्स सिटी में रहना शुरू कर दिया तो धीरे-धीरे कंपनी के दावों की पोल खुलने लगे। महंगे दामों पर बिजली बेची जाने लगी। मेंटेनेंस के नाम पर अच्छा खासा शुल्क वसूला जाने लगा मगर गंदगी दूर नहीं हुई। सड़कें भी टूटी मिली और सप्लाई में मिलने वाला पानी भी कतई पीने योग्य नहीं। परेशान लोगों ने इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर लोगों ने प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज से फरियाद लगाई। जिस पर गृह मंत्री ने जिले के अधिकारियों को जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए। इसके साथ ही कहा कि पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच करवाई जाए। यदि पानी पीने योग्य नहीं मिले तो तत्काल मुकदमा दर्ज करवाया जाए।
इसके बाद पब्लिक हेल्थ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने तीन स्थानों से पानी के सैंपल भरे। जांच के बाद सामने आया कि सप्लाई किए जाने वाले पानी में 2500 टीडीएस है और पानी कतई पीने योग्य नहीं। पब्लिक हेल्थ ने पानी की जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी। सिविल सर्जन ने मुकदमा दर्ज करने के लिए रिपोर्ट डीएसपी नरेंद्र कादियान के पास भेजी। उन्होंने कानूनी मशविरा लिया और फिर थाना दर्ज करने के लिए आईएमटी थाने भेज दिया। थाना पुलिस ने ओमैक्स सिटी इंचार्ज के खिलाफ धारा 269 व 277 में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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