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वैश्य संस्था के घोटाले में पूर्व प्रधान समेत 3 पर एफआईआर के आदेश

Sat, 06 Feb 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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वैश्य संस्था में आठ वर्ष पहले महात्मा गांधी और लाला लाजपत फंड के नाम से खाते खोलने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। करोड़ों के घोटाले के मामले में विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद डीसी ने पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों पर एफआईआर के आदेश जारी कर दिए। पुलिस को भी निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 
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बता दें, कि संस्था में करीब आठ साल पहले महात्मा गांधी और लाला लाजपत फंड के नाम से खाते खोलकर गोपनीय तरीके से ट्रांजक्शन की गई थी। तत्कालीन प्रधान, मैनेजर व प्राचार्य ने मिलकर उसके लिए डोनेशन लिया था, जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। 
उक्त लोगों का कार्यकाल खत्म होने के बाद दोनों खा0तों में ट्रांजक्शन बंद हो गई। कुछ दिन पहले यह मामला उजागर हुआ, जिसके बाद विजिलेंस ने पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में पूर्व प्रधान, मैनेजर व प्राचार्य दोषी पाए गए। रिपोर्ट देखने के बाद शुक्रवार को डीसी डीके बेहरा ने तीनों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश जारी कर दिए। इसके लिए एसपी कार्यालय में भी आदेश की प्रति भेज दी गई।
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 एफआईआर के आदेश होने के बाद संस्था में एक बार फिर से हलचल शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो संबंधित व्यक्ति अपनी सांठगांठ में लग गए हैं। 
फर्जी तरीके से हुई प्रोन्नति का भी भंडाफोड़ वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के डिमोशन के मामले में एक और खुलासा सामने आया है। डीसी के ने बताया कि स्टाफ की डिग्रियों की जांच की जा रही है। अभी तक हुई जांच में कई खामियां सामने आयी है। कई केस में नियुक्ति गलत तरीके से की गई है तो कई में फर्जी तरीके से प्रोन्नति कर दी गई। इसी मिलीभगत के चलते संस्था को भारी नुकसान हो रहा है। इस मामले में मैनेजमेंट के कुछ लोगों के भी नाम सामने आए है। जांच पूरी होने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
काफी समय पहले छोड़ दी नौकरी, फिर भी होगी रिकवरीवैश्य संस्था में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ का डिमोशन कर उनसे रिकवरी की जा रही है। इसी के तहत संस्था की तरफ से कई ऐसे लोगों को भी नोटिस भेजे गए हैं, जो काफी समय पहले संस्था के स्कूल-कॉलेज से नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। अब ऐसे में सवाल यह है कि जो व्यक्ति नौकरी छोड़कर जा चुका है अब उससे रिकवरी का क्या आधार है। इससे भी लोगों में संस्था के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 
यह बोले डीसी रिपोर्ट के बाद तीनों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं। संस्था के नाम पर जो घोटाला किया गया है उसकी भी रिकवरी की जाएगी। दोषियों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। - डीके बेहरा, डीसी 
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