हरियाणा के रोहतक में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप की चयनित टीम और चयनकर्ता कटघरे में खड़े नजर आ रहे हैं। राष्ट्रीय बॉक्सर रुड़की निवासी शिक्षा नरवाल के बाद अब रोहतक रिठाल निवासी विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मंजू रानी और हिसार निवासी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता पूनम ने भी अपना रैंक गिराने और टीम में चयनित खिलाड़ी का रैंक बढ़ाकर चैंपियनशिप में भेजने का आरोप लगाया है।
इससे तीनों खिलाड़ियों में रोष है। तीनों महिला खिलाड़ियों ने न्याय के लिए भारतीय बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष को चिट्ठी लिखी है। संतोषजनक जवाब या न्याय नहीं मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी चेतावनी दी है।
रैंक गिरा कर चैंपियनशिप से किया बाहर
बॉक्सिंग की 48 किलोग्राम भार वर्ग की खिलाड़ी मंजू रानी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि भोपाल में वर्ष 2022 में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। अब विश्व चैंपियनशिप होने वाली है। इसमें उनका पहला रैंक हटाकर दो कर दिया गया, जबकि टीम में चयनित दूसरी खिलाड़ी को नंबर एक कर दिया गया है।
वह इस प्रतियोगिता में हरियाणा स्टेट में साई भिवानी से खेली थी। उसका कोई पदक नहीं है। उसका शिविर में तीसरा स्थान रहा। इसके बावजूद वह विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप खेलने जा रही है, जबकि उन्हें प्रतियोगिता से बाहर किया जा रहा है। इससे पूर्व देश को विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक दिला चुकी हूं। इस बार भी अवसर मिलने पर पदक जरूर दिलाऊंगी।
प्रदर्शन के आधार पर 9 को भेजा मुझे क्यों नहीं
बॉक्सर पूनम का आरोप है कि उसने नेशनल में स्वर्ण पदक जीता है। उनके साथ 11 अन्य बॉक्सरों ने भी स्वर्ण पदक जीता है। इनमें से 9 बॉक्सरों को उनके खेल प्रदर्शन के आधार पर विश्व चैंपियनशिप के लिए चुना गया है। नाम और फोटो विश्व चैंपियनशिप प्रतिनिधियों में न देखकर गहरा धक्का लगा है। इस चैंपियनशिप के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं। पूनम ने कहा कि संघ के अध्यक्ष ने टिप्पणी की है कि "सिर्फ परफॉरमेंस मैटर करेगी, कोई भी खिलाड़ी कोई पिछली उपलब्धियों के कारण टीम में नहीं आ सकता। इस पर उनका अटूट विश्वास है। उन्होंने 48 घंटे में त्रुटियों को ठीक कर राहत पहुंचाने की गुहार लगाई है।
जिसे मैं चार-एक से हरा चुकी, उसे बिना ट्रायल कैसे भेजा जा रहा
रुड़की की 54 किलो भार वर्ग की बॉक्सर शिक्षा नरवाल ने भारतीय बॉक्सिंग संघ पर सवाल उठाए हैं। शिक्षा नरवाल का आरोप है कि उन्हें क्यों विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नहीं भेजा जा रहा है। दूसरे भार वर्ग में भी नेशनल चैंपियन को भेजा जा रहा है, जबकि वह भी नेशनल चैंपियन हैं। जिसे उनकी जगह बिना ट्रायल भेजा जा रहा है, उसे नेशनल चैंपियनशिप में चार-एक से हरा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भोपाल में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। आरोप है कि उनका पहला रैंक हटाकर तीसरे रैंक की बॉक्सर को भेजा जा रहा है। चैंपियनशिप के लिए वह लगातार अभ्यासरत हैं। प्रतिभा के हिसाब से उन्हें चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए। चैंपियनशिप में पदक जीतकर बॉक्सिंग फेडरेशन और भारत का नाम रोशन कर सकूं।