जिले के गांव रुड़की के सात दिन से लापता फाइनेंसर अमित हुड्डा और उसके नौकर निखिल के शव दिल्ली में केएन काटजू इलाके में नहर से बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने करीब ढाई लाख के लेन-देन को लेकर अमित हुड्डा और उसके नौकर की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका था। पुलिस ने अमित हुड्डा के भाई जयदीप के बयान पर कर्जदार नवीन समेत अन्य के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी समेत दो लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। इससे पहले परिजनों ने पुलिस को बताया था कि फाइनेंसर और नौकर 14 अक्तूबर को घर से नवीन से पैसे लेने की बात कहकर निकले थे।
मूलरूप से रुड़की गांव के रहने वाला अमित हुड्डा हाल में रोहिणी सेक्टर-28 में रहता था। अमित फाइनेंसर का काम करता था। 14 अक्तूबर को अमित अपने नौकर पुठगांव निवासी निखिल गुलाटी के साथ दीपेंद्र की स्विफ्ट कार से नवीन से रुपये लेने प्रहलादपुर गया था। उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को दी शिकायत में अमित हुड्डा के भाई ने 15 अक्तूबर को उसके अपहरण होने की आशंका जताते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी। जिस आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच करते हुए दोनों की तलाश शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमित लोगों को ब्याज पर पैसे देता था। हरेवली गांव निवासी नवीन नाम के व्यक्ति को उसने करीब सात लाख रुपये ब्याज पर दे रखे थे। फिलहाल ढाई लाख की देनदारी थी। रुपये नहीं देने पर अमित ने नवीन की कार अपने कब्जे में ले ली थी। इसी रंजिश के चलते लेकर नवीन ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। आरोपी ने अमित को चार गोली मारी व नौकर निखिल की भी गोली मारकर हत्या की और दोनों के शव नहर में फेंक दिए थे।