हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने उतर प्रदेश के शामली जिले में चल रहा भ्रूण लिंग व गर्भपात करते गिरोह का भंडाफोड़ किया है। वीरवार को टीम ने छापा मार कर मां सावित्री अस्पताल से महिला डॉक्टर, दो दलाल व भ्रूण लिंग जांच कराने वाली महिला के पति को गिरफ्तार किया है। यहां से 52 हजार रुपये बरामद किए हैं। बीएएमएस डॉक्टर अल्ट्रासाउंड केंद्र चला रही थी। जांच में सामने आया अस्पताल संचालक चिकित्सक की चार माह पूर्व मौत हो चुकी है। यहां की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई है।
उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा व सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य को भ्रूण लिंग जांच कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। हरियाणा की गर्भवती महिलाओं का सीमा पार उत्तर प्रदेश लेकर जाकर 30 से 35 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कराई जाने की सूचना पर तुरंत टीम गठित की गई। हरियाणा के गिरते लिंगानुपात को देखते हुए प्रशासन ने गिरोह का भंडाफोड करने के लिए वीरवार को शामली में छापा मारा।
ट्रैप लगाकर किया गिरोह का पर्दाफाश
नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी की देखरेख में डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. मोहित गिल टीम में शामिल रहे। टीम ने एक दलाल से संपर्क किया। एक गर्भवती महिला को कार्रवाई में शामिल होने के लिए तैयार किया गया। दलाल से तीस हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके तहत वीरवार सुबह गोहना में फव्वारा चौक पर दलाल ने गर्भवती महिला को बुलाया। टीम में गर्भवती महिला को रुपये देकर वहां भेजा। दलाल मीना गर्भवती महिला को साथ लेकर पानीपत की तरफ चल पड़ी। टीम ने इनका पीछा किया। रास्ते में दलाल ने एक अन्य गर्भवती महिला को लिया उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पहुंची। वहां मां सावित्री अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर पर उन्हें ले गई। यहां दोनों महिलाओं की भ्रूण लिंग जांच कराई गई। जांच के बाद डॉक्टर ने दलाल को एक महिला के गर्भ में लड़का व दूसरी के गर्भ में लड़की होने की जानकारी दी।
सेंटर पर होता था गर्भपात
जांच होने व लिंग का पता लगने के बाद टीम वहां पहुंची। जांच में मौके से 52000 रुपये बरामद हुए। अल्ट्रासाउंड केंद्र बीएएमएस डॉ. नीलम चला रही थी। वहां गर्भपात भी किया जाता था। यही नहीं, यह सेंटर भी करीब चार माह पूर्व दम तोड़ चुके चिकित्सक के नाम पर चलाया जा रहा था। महिला डॉक्टर के अलावा दलाल गोहाना निवासी मीन व अशोक को भी पकड़ा गया है। यहीं एक भ्रूण लिंग जांच कराने पहुंची दूसरी महिला के पति को भी जांच कराने के आरोप में पकड़ा गया है। इनके खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी गई है।
भ्रूण लिंग जांच करने वाली महिला चिकित्सक पहले भी भ्रूण लिंग जांच में पकड़ी जा चुकी है। इसे स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की टीम ने ही वर्ष 2012 में रंगे हाथों पकड़ा पकड़ा था। यह भ्रूण लिंग जांच के अलावा गर्भपात भी कराती थी। जांच में टीम ने मौके से एमटीपी किटें व गर्भपात की दवाएं बरामद की हैं।
-डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन।
लिंगानुपात सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसके तहत भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह प्रयास लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई में शामली से डॉ. अतुल व रोहतक से डॉ. संजीव मलिक, डॉ. विकास सैनी, डॉ. विजय, दीपक, जोगोंद्र सैनी व पुलिस के जवान शामिल रहै।
-धीरेंद्र खडगटा, उपायुक्त, रोहतक।